Char Dham Yatra 2026 : 57 केंद्रों पर होगी श्रद्धालुओं की सेहत की पहरेदारी, उत्तराखंड सरकार ने तैयार किया श्रद्धालुओं के लिए विशेष हेल्थ प्लान

Edited By Updated: 15 Apr, 2026 11:33 AM

char dham yatra 2026

बस कुछ दिन का और इंतजार, फिर शुरू होगी चारधाम की रोमांचक यात्रा की शुरुआत। इस साल चारधाम यात्रा की को लेकर   कई खास इंतजाम किए गए हैं, जिससे यात्रा करने आ रहे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़ें।

Char Dham Yatra 2026 : बस कुछ दिन का और इंतजार, फिर शुरू होगी चारधाम की रोमांचक यात्रा की शुरुआत। इस साल चारधाम यात्रा की को लेकर   कई खास इंतजाम किए गए हैं, जिससे यात्रा करने आ रहे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़ें। इस बार चारधाम यात्रा 2026 के लिए उत्तराखंड सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एक मजबूत हेल्थ कवच तैयार किया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और हृदय संबंधी जोखिमों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने  25 विशेषज्ञ डॉक्टरों, 178 मेडिकल अधिकारी व 414 पैरामेडिकल स्टाफ तैनात कर दिए हैं।  

57 केंद्रों पर होगी सघन जांच 
यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों और प्रवेश द्वारों जैसे- देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी पर 57 स्वास्थ्य जांच केंद्र या कियोस्क स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाएगी ताकि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग से ग्रसित मरीजों की पहचान पहले ही हो सके। जिन यात्रियों का स्वास्थ्य जोखिम भरा पाया जाएगा, उन्हें आगे की यात्रा के लिए विशेष सावधानी बरतने या स्वास्थ्य सुधरने तक रुकने की सलाह दी जाएगी।

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हेल्पलाइन से हर पल रखी जाएगी नजर 
श्रद्धालुओं की मदद के लिए उत्तराखंड सरकार ने कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए है, ये नंबर 24 चौबीसों घंटे श्रद्धालुओं की मदद के लिए क्रियाशील रहेंगे। किसी को भी यात्रा के दौरान किसी भी तरह की कोई परेशानी हो वह इस हेल्पलाइन के जरिए 112, 108 व 104 मदद ले सकते हैं। 

स्वास्थ्य विभाग की विशेष सलाह
चारधाम में आने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग के कुछ विशेष निर्देश जारी किए है, जिससे यात्रा करने में लोगों को आसानी होगी। उंचाई पर चढ़ते समय यानी कि बाबा की चढ़ाई करने समय अपनी गति को थोड़ी धीमी ही रखें, ताकि जल्दी सांस न फूले। समय-समय पर पहाड़ों पर मौसम बदलता रहता है इसलिए पहाड़ों के मौसम के बीच खुद को ढालने के लिए आराम करते रहे। यदि चढ़ाई करते समय किसी भी तरह की कोई परेशानी महसूस हो तो जितनी जल्दी हो सके स्वास्थ्य केंद्र को सूचित करें।

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