Edited By Jyoti,Updated: 29 Oct, 2021 03:35 PM

प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास दिवाली के अलावा कई अन्य पर्व बनाए जाते हैं जिनका अपना अधिक महत्व है। इन्हीं में से एक है धनतेरस का दिन। इस दिन जितना आवश्यक खरीदारी करना होता है
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प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास दिवाली के अलावा कई अन्य पर्व बनाए जाते हैं जिनका अपना अधिक महत्व है। इन्हीं में से एक है धनतेरस का दिन। इस दिन जितना आवश्यक खरीदारी करना होता है, उतना ही अधिक महत्व बताया गया है इस दिन दीप जलाने का। लगातार अपनी वेबसाइट के जरिए हम आपको धनतेरस से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। इसी बीच अब हम लाए हैं, वास्तु शास्त्र में बताई गई धनतेरस से जुड़ी जानकारी। वास्तु शास्त्र में इससे जुड़े खास बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का तो आज दिशा में हो उसी दिशा के अनुसार धनतेरस के दिन विशेष तरह के दीपक लाने और खरीदने चाहिए इससे लाभ प्राप्त होता है।
आइए जानते हैं वास्तु से जुड़े हुए खास टिप्स-
जिनके घर का मुख्य द्वार आग्नेय कोण में हो उन्हें इस दिन यानी धनतेरस के दिन चांदी का सामान जरूर खरीदना चाहिए। तथा घर के द्वार पर दीपक जलाकर उसमें कौड़ी डालनी चाहिए।
जिन लोगों के घर का मेन गेट दक्षिण सन में हो उन्हें इस दिन सोने या तांबे का सामान खरीदना चाहिए तथा मुख्य द्वार पर रखे जाने वाले दीप में राई डालनी चाहिए
वास्तु के अनुसार जिन लोगों के घर का मेन गेट पश्चिम दिशा में हो उन्हें धनतेरस के दिन चांदी की वस्तुएं खरीदनी चाहिए और मुख्य द्वार पर दीपक जलाते समय उसने किशमिश डालनी चाहिए।
जिन लोगों के घर का मुख्य द्वार वायव्य दिशा में हो उन्हें इस दिन चांदी या मोती की खरीदारी करनी चाहिए और मुख्य द्वार पर मिश्री मिले दीप को रखना चाहिए।
अगर आपके घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में है तो आप सोना पीतल या फिर लक्ष्मी नारायण की तस्वीर खरीद सकते हैं तथा मुख्य द्वार पर दीपक में इलायची डालकर रख सकते हैं।
जिन लोगों के घर का मेन गेट किस दिशा में हो उनके लिए भी उपरोक्त बताई गई उत्तर दिशा बनी चीजें खरीदना लाभदायक साबित होता है। इन्हें दीपक में चुटकी भर हल्दी डालकर उसे प्रज्वलित करना चाहिए।।
बात करें पूर्व दिशा की तो अगर घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा में है तो आप धनतेरस के दिन सोना या तांबा खरीद सकते हैं इसके अलावा दीपक जलाकर उसमें थोड़ा कुमकुम मिला है और मुख्य द्वार पर रख दें।
इसके अलावा इस दिन नवीन झाड़सुगुड़ा प्रीतम का पूजन करना चाहिए यथाशक्ति तांबे पीतल चांदी आदि की चीजों को खरीदना चाहिए। व्यवसायिक प्रतिष्ठान में नई गद्दी विच होनी चाहिए या पुरानी गद्दी को साफ कर पुनः स्थापित कर सकते हैं।
अपनी क्षमता अनुसार मंदिर, गौशाला, नदी के घाट, कुओं, तलाब, बगीचों आदि में दीपक लगाने चाहिए। कहा जाता है कि इस दिन साईं काल के पश्चात तेरा दीपक प्रज्वलित करने से कुबेर देवता की कृपा प्राप्त होती है जिससे धन धन में वृद्धि होती है।