Edited By Sarita Thapa,Updated: 03 Jun, 2026 03:45 PM

भारतीय संस्कृति में मेहमानों को भगवान का रूप माना जाता है। हर कोई घर में आने वाले मेहमानों का आदर-सत्कार पूरे दिल से करते हैं। सभी चाहते हैं कि अगर उनके घर में कोई मेहमान आता है, तो उनको किसी भी तरह की कोई कमी न हो और उनकी खातिरदारी में अच्छे से हो...
Guest Room Vastu Tips : भारतीय संस्कृति में मेहमानों को भगवान का रूप माना जाता है। हर कोई घर में आने वाले मेहमानों का आदर-सत्कार पूरे दिल से करते हैं। सभी चाहते हैं कि अगर उनके घर में कोई मेहमान आता है, तो उनको किसी भी तरह की कोई कमी न हो और उनकी खातिरदारी में अच्छे से हो सके। लेकिन वास्तु शास्त्र में मेहमानों के ठहरने के लिए बनवाए गए गेस्ट रूम का सही दिशा में होना बहुत जरूरी है। माना जाता है कि गेस्ट रूम बनवाने से पहले अगर वास्तु के नियमों का पालन किया जाए तो घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार, मेहमानों का कमरा किस दिशा में होना चाहिए और इससे जुड़े वास्तु नियमों के बारे में-
किसी दिशा में होना चाहिए गेस्ट रूम?
वास्तु के अनुसार, गेस्ट रूम हमेशा उत्तर-पश्चिम दिशा में ही शुभ होता है क्योंकि इस दिशा को वायु की दिशा कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिशा में बने कमरे में ठहरने वाले मेहमान आपके घर में लंबे समय तक नहीं रुकते और समय से अपने घर लौट जाते हैं, जिससे आपके रिश्ते मधुर बने रहते हैं और घर का बजट भी नहीं बिगड़ता।
किस दिशा में नहीं बनाना चाहिए गेस्ट रूम ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम में भूलकर भी गेस्ट रूम नहीं बनवाना चाहिए। यह दिशा गेस्ट रूम के लिए सबसे खराब मानी जाती है। माना जाता है कि इस दिशा में मेहमानों को ठहराते हैं, तो वे घर के मालिक की तरह व्यवहार करने लगते हैं और उनका आपके घर से जाने का मन नहीं करता, जिससे घर में तनाव पैदा हो सकता है।

गेस्ट रूम से जुड़े वास्तु टिप्स
मेहमान के कमरे में बेड इस तरह रखें कि सोते समय उनका सिर दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर हो।
गेस्ट रूम की दीवारों पर हमेशा हल्के और सकारात्मक रंगों का इस्तेमाल करें, जैसे- हल्का पीला, सफेद, क्रीम या हल्का नीला।
यदि गेस्ट रूम के साथ अटैच बाथरूम है, तो वह कमरे के पश्चिम या उत्तर-पश्चिम कोने में होना चाहिए और उसका दरवाजा हमेशा बंद रहना चाहिए।
गेस्ट रूम में टीवी, कंप्यूटर या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने चाहिए।

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