Edited By Niyati Bhandari,Updated: 31 Mar, 2026 09:06 AM

Hanuman Jayanti 2026: चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाई जाने वाली हनुमान जयंती इस वर्ष 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस बार यह पर्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जो...
Hanuman Jayanti 2026: चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाई जाने वाली हनुमान जयंती इस वर्ष 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस बार यह पर्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है, जो पूजा-पाठ के फल को कई गुना बढ़ाने वाला माना जाता है।
पवनपुत्र हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। वे भगवान राम के परम भक्त और धर्म की रक्षा के लिए अवतरित ‘संकटमोचन’ के रूप में पूजे जाते हैं। मान्यता है कि उनकी कृपा से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

Hanuman Jayanti Muhurat: शुभ तिथि और महत्व
पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि: 01 अप्रैल सुबह 07:06 बजे से शुरू
समाप्ति: 02 अप्रैल सुबह 07:41 बजे तक
उदयातिथि के आधार पर 2 अप्रैल को ही हनुमान जयंती मनाई जाएगी। यह दिन भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है।

Hanuman Jayanti Shubh Yog: ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का संयोग
इस बार हनुमान जयंती पर विशेष शुभ योग बन रहा है:
ध्रुव योग: प्रातःकाल से दोपहर 02:20 बजे तक। स्थिरता, सफलता और शुभ परिणाम का प्रतीक है।
हस्त नक्षत्र: शाम 05:38 बजे तक कुशलता, सकारात्मक ऊर्जा और सिद्धि प्रदान करने वाला है।
इन योगों में किया गया पूजा-पाठ और उपाय अत्यंत फलदायी माना जाता है।

हनुमान जयंती पर करें ये असरदार उपाय
सुंदरकांड का पाठ
हनुमान जयंती के दिन शाम को सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे भय, तनाव और नकारात्मक विचार दूर होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
बजरंग बाण का पाठ
यदि जीवन में भय या शत्रुओं की चिंता बनी रहती है, तो बजरंग बाण का पाठ लाभकारी होता है। इससे मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
सिंदूर का चोला चढ़ाएं
हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करना विशेष फलदायी माना गया है। मंदिर में जाकर सिंदूर का चोला चढ़ाएं और थोड़ा सा सिंदूर माथे पर लगाएं। यह सुरक्षा और आस्था का प्रतीक है।
पीपल के पत्तों का उपाय
11 पीपल के पत्तों पर “श्री राम” लिखकर माला बनाएं और हनुमान जी को अर्पित करें। यह उपाय मानसिक शांति और सुख-समृद्धि लाने में सहायक माना जाता है।
हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
हनुमान जयंती को भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त उनके आदर्शों भक्ति, निष्ठा, साहस और सेवा भाव से प्रेरणा लेते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को हर संकट से बचाते हैं।
इस वर्ष ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र के दुर्लभ संयोग में आ रही हनुमान जयंती भक्तों के लिए विशेष फलदायी अवसर है। इस दिन विधि-विधान से पूजा, पाठ और उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव और सफलता प्राप्त हो सकती है।