Haridwar Ardh Kumbh 2027 : अर्धकुंभ की तैयारी तेज, हरिद्वार की टीम प्रयागराज पहुंची, महाकुंभ की व्यवस्थाओं का करेगी अध्ययन

Edited By Updated: 12 Feb, 2026 12:59 PM

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Haridwar Ardh Kumbh 2027 : हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर प्रयागराज पहुंचेगा। यह टीम महाकुंभ और...

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Haridwar Ardh Kumbh 2027 : हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर प्रयागराज पहुंचेगा। यह टीम महाकुंभ और माघ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए विकसित की गई व्यवस्थाओं का स्थल पर जाकर विस्तृत अध्ययन करेगी, ताकि हरिद्वार में बेहतर और व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।

दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल विशेष रूप से ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, ए.आई आधारित निगरानी तंत्र और क्राउड मैनेजमेंट डैशबोर्ड की कार्यप्रणाली को समझेगा। प्रमुख स्नान पर्वों पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के तरीकों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय की व्यवस्था का भी विश्लेषण किया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्य आकाश जोशी के अनुसार, टीम मेला क्षेत्र में लागू सुगम यातायात व्यवस्था, निर्बाध बिजली आपूर्ति, रिंग मेन यूनिट सिस्टम, बिजली के खंभों पर लगाए गए क्यूआर कोड, जियो ट्यूब तकनीक से कटाव रोकने के उपाय, ओपन एसटीपी की जगह प्री-फैब्रिकेटेड एसटीपी, टेंट सिटी मॉडल, वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां और मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी व्यवस्थाओं की जानकारी लेगी।

इसके अतिरिक्त बाइक टैक्सी सेवा, मेला सेवा ऐप, जनसुविधाओं में किए गए नवाचार, ट्रैफिक मूवमेंट प्लान के तहत बनाए गए अस्थायी होल्डिंग एरिया, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और स्नान घाटों की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया जाएगा। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि हरिद्वार की टीम यहां की सफल व्यवस्थाओं को समझने के उद्देश्य से आ रही है और दो दिनों तक विभिन्न स्थलों का जायजा लेगी।

इसी तरह, महाराष्ट्र में वर्ष 2026 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियों के तहत वहां के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का प्रतिनिधिमंडल भी हाल ही में प्रयागराज का दौरा कर चुका है। डिप्टी सेक्रेटरी और अन्य अधिकारियों ने महाकुंभ व माघ मेले के दौरान अपनाई गई मीडिया प्रबंधन रणनीतियों, मीडिया सेंटर, लाइव प्रसारण की व्यवस्था और सुरक्षा समन्वय की प्रणाली का अवलोकन किया। प्रमुख स्नान पर्वों के समय मीडिया कवरेज की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर टीम वापस लौट गई।

इस बीच माघ मेले में संगम तट पर स्नान करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में भीड़ में हल्की कमी आई थी, लेकिन रविवार को फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। हनुमान मंदिर में भी दर्शनार्थियों की लंबी कतारें देखी गईं। अब तक 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। यदि यही क्रम जारी रहा तो 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक एक नया रिकॉर्ड बन सकता है।

महाकुंभ के प्रभाव के बाद माघ मेले में संगम स्नान की महत्ता और भी बढ़ी है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार का माघ मेला ऐतिहासिक आंकड़ा छू सकता है। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर अंतिम प्रमुख स्नान पर्व संपन्न होगा।

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