Ardh Kumbh 2027 : अर्द्धकुंभ में हरिद्वार से चलेंगी 100 ट्रेनें, कांवड़ यात्रा होगी आसान, रेलवे स्टेशन का होगा पुनर्निमाण

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 12:05 PM

ardh kumbh 2027

Ardh Kumbh 2027 : अर्द्धकुंभ 2027 में उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में करीब 100 जोड़ी विशेष ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। यात्रियों के बढ़ते दबाव को संभालने के लिए हरिद्वार...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Ardh Kumbh 2027 : अर्द्धकुंभ 2027 में उमड़ने वाली संभावित भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में करीब 100 जोड़ी विशेष ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है। यात्रियों के बढ़ते दबाव को संभालने के लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन के विस्तार और आधुनिकीकरण पर खास फोकस किया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास को रेल बजट से स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इसके लिए धन उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं के ठहराव के लिए स्थायी होल्डिंग एरिया विकसित करने की भी तैयारी है।

यह सुविधाएं केवल कुंभ मेले तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि कांवड़ यात्रा के दौरान भी यात्रियों को इनका लाभ मिलेगा। स्टेशन पर वेटिंग हॉल को बड़ा किया जाएगा और यात्रियों के लिए डोरमेट्री की सुविधा भी जोड़ी जाएगी। इसके अलावा दो नए प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है। रेलवे के अनुसार सामान्य दिनों में हरिद्वार स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 50 हजार यात्री यात्रा करते हैं, जबकि पर्व और विशेष अवसरों पर यह संख्या बढ़कर 85 हजार तक पहुंच जाती है। कुंभ के दौरान यात्रियों की संख्या इससे कई गुना अधिक हो सकती है।

इसी बढ़ते यात्री भार को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्मों की संख्या बढ़ाने, ट्रेनों के आवागमन को सुचारू बनाने और उनके ठहराव की बेहतर व्यवस्था पर बजट खर्च किया जाएगा। साथ ही यार्ड की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी, ताकि ट्रेनों की लाइनिंग और संचालन में किसी तरह की बाधा न आए।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों को चौड़ा और अधिक व्यवस्थित किया जाएगा, जिससे भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए स्टेशन को और अधिक अनुकूल बनाया जाएगा, जिसमें रैंप, लिफ्ट, ब्रेल साइन बोर्ड और सुलभ शौचालय जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

रेल बजट में उत्तराखंड को कुल 4769 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिनमें से लगभग 3000 करोड़ रुपये ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर खर्च होंगे। इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद श्रद्धालु ऋषिकेश से चारधाम—गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ—तक ट्रेन से यात्रा कर सकेंगे। इस मार्ग पर आधुनिक विस्टाडोम कोच वाली ट्रेनों के संचालन की भी योजना है।

मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत आने वाला हरिद्वार रेलवे स्टेशन आने वाले समय में एक नए और आधुनिक स्वरूप में दिखाई देगा। अर्द्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए स्टेशन को अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा और साथ ही ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं और आम यात्रियों को बेहतर रेल सुविधाएं मिल सकें।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!