Edited By Sarita Thapa,Updated: 09 Feb, 2026 10:14 AM

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित बाबा श्याम की पावन नगरी खाटूधाम में वार्षिक फाल्गुनी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 2026 के इस लक्खी मेले को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
Khatu Shyamji Mela : राजस्थान के सीकर जिले में स्थित बाबा श्याम की पावन नगरी खाटूधाम में वार्षिक फाल्गुनी मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 2026 के इस लक्खी मेले को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने इस बार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। मेले में न केवल 44 विशाल डिजिटल स्क्रीन्स के जरिए भक्तों को पल-पल की जानकारी दी जाएगी, बल्कि श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 350 विशेष बसों का बेड़ा भी उतारा गया है। सबसे बड़ा बदलाव यातायात को लेकर है, जहां भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे 8 दिनों तक खाटू कस्बे को नो व्हीकल जोन में बदल दिया गया है। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित पार्किंग और नए फुट ओवरब्रिज जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि हर भक्त शांतिपूर्ण तरीके से 'हारे के सहारे' के दर्शन कर सके।
मेले की अवधि और मुख्य तिथियां
इस वर्ष मेले की अवधि में बदलाव किया गया है। भीड़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने के लिए मेले को 8 दिनों तक सीमित रखा गया है।
मेला प्रारंभ: 21 फरवरी 2026
मेला समापन: 28 फरवरी 2026
लक्खी मेला (मुख्य दिन): 27 फरवरी 2026 (फाल्गुन शुक्ल एकादशी)
भक्तों के लिए विशेष डिजिटल सुविधाएं
श्रद्धालुओं के सफर को आसान बनाने के लिए इस बार तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मेला क्षेत्र और मुख्य रास्तों पर 44 विशाल डिजिटल स्क्रीन लगाई गई हैं। ये स्क्रीन भक्तों को दर्शन के समय, कतार की स्थिति और जरूरी दिशा-निर्देशों की लाइव जानकारी देंगी। जाम से बचने के लिए प्रशासन ने QR कोड सिस्टम लागू किया है। श्रद्धालु इसे स्कैन करके सीधे खाली पार्किंग स्थल का रास्ता जान सकेंगे।
यातायात और परिवहन व्यवस्था
लाखों की संख्या में आने वाले भक्तों के लिए बसों और ट्रेनों का विशेष प्रबंध किया गया है। राजस्थान रोडवेज मेले के दौरान विभिन्न शहरों से 350 अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा। उत्तर-पश्चिमी रेलवे ने दिल्ली, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों से आने वाले भक्तों के लिए 16 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। मेले की पूरी अवधि 8 दिन के दौरान खाटू कस्बे को 'नो व्हीकल जोन' घोषित किया गया है। निजी वाहनों को कस्बे से काफी पहले तय पार्किंग स्थलों पर ही रोकना होगा।
सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण इंतजाम
सुरक्षा घेरा: मेले की सुरक्षा के लिए 6,000 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं। पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखने के लिए 450 से ज्यादा हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे और ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा। भीड़ के दबाव को कम करने के लिए इस बार दो के बजाय तीन एग्जिट मार्ग बनाए गए हैं। 5 फीट ग्राउंड पर एक नया फुट-ओवरब्रिज बनाया गया है ताकि पैदल चलने वाले भक्तों को लाइनों को पार करने में असुविधा न हो।
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