Khatu Shyam Ji Phalgun Mela 2026 : 2026 में इस दिन लगेगा खाटू श्याम जी का मेला, जानिए इसके पीछे की पौराणिक मान्यता

Edited By Updated: 18 Jan, 2026 11:53 AM

khatu shyam ji phalgun mela 2026

Khatu Shyam Ji Phalgun Mela 2026 : राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला हर वर्ष श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का भव्य संगम बनकर उभरता है। फाल्गुन महीने में लगभग दस से बारह दिनों तक चलने वाला यह आयोजन देश के सबसे बड़े धार्मिक...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Khatu Shyam Ji Phalgun Mela 2026 : राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला हर वर्ष श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का भव्य संगम बनकर उभरता है। फाल्गुन महीने में लगभग दस से बारह दिनों तक चलने वाला यह आयोजन देश के सबसे बड़े धार्मिक मेलों में शामिल माना जाता है। इन दिनों खाटू की गलियां और रास्ते हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयकारों से गूंज उठते हैं और लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन और आशीर्वाद की कामना लेकर यहां पहुंचते हैं।

फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से लेकर द्वादशी तक मेले का विशेष धार्मिक महत्व रहता है। खास तौर पर एकादशी के दिन मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। खाटू श्याम जी की ख्याति केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं, जो बाबा के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।

फाल्गुन मेला 2026 का कार्यक्रम
वर्ष 2026 में खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला 27 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। भक्त घंटों लंबी कतारों में लगकर बाबा श्याम के दर्शन करते हैं जबकि कई श्रद्धालु रींगस से खाटू तक करीब 18 किलोमीटर की पदयात्रा कर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।

मान्यता है कि फाल्गुन मास में बाबा श्याम के दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और भक्तों को एक अनोखी आध्यात्मिक शांति व ऊर्जा का अनुभव होता है।

फाल्गुन मेले की परंपरा
खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला भगवान बर्बरीक से जुड़ी पौराणिक कथा पर आधारित है। यह मेला बर्बरीक के अद्वितीय शीशदान और उनके महान त्याग की स्मृति में फाल्गुन शुक्ल एकादशी और द्वादशी को आयोजित किया जाता है। फाल्गुन महीना वैसे भी होली और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्वों के कारण धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव और भक्ति का वातावरण बन जाता है।

महाभारत काल से जुड़ी कथा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के दौरान घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक युद्ध में भाग लेने के उद्देश्य से कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। उनकी माता ने उन्हें वरदान दिया था कि वे सदैव युद्ध में कमजोर पक्ष का साथ देंगे। श्रीकृष्ण यह जानते थे कि युद्ध का परिणाम क्या होगा और बर्बरीक किस पक्ष में खड़े होंगे। इसी कारण उन्होंने ब्राह्मण का वेश धारण कर बर्बरीक से दान स्वरूप उनका शीश मांगा।

बर्बरीक ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना शीश दान कर दिया। मान्यता है कि यह महान बलिदान फाल्गुन मास की द्वादशी तिथि को हुआ था। इसी सर्वोच्च त्याग और अटूट भक्ति की स्मृति में हर वर्ष खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!