सावधान ! खाटू श्याम जा रहे हैं तो नोट कर लें नए नियम, जानें नए साल 2026 में कैसे होंगे बाबा के दीदार

Edited By Updated: 24 Dec, 2025 08:03 AM

khatu shyam mandir new rules

नए साल 2026 के आगमन के साथ ही राजस्थान के सीकर स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ना शुरू हो गया है।

Khatu Shyam mandir New rules: नए साल 2026 के आगमन के साथ ही राजस्थान के सीकर स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम जी मंदिर में भक्तों का भारी सैलाब उमड़ना शुरू हो गया है। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंदिर कमेटी और स्थानीय प्रशासन ने कुछ कड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।

नए साल पर 24 घंटे खुले रहेंगे पट
31 दिसंबर और 1 जनवरी को उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि नए साल के स्वागत के लिए मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहेंगे। इससे भक्तों को दर्शन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और एक ही समय पर अत्यधिक भीड़ जमा होने की समस्या कम होगी।

VIP दर्शनों पर पूरी तरह पाबंदी
भीड़ प्रबंधन को सुचारू बनाने के लिए वीआईपी दर्शन की व्यवस्था को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। 29 दिसंबर से लेकर 2 जनवरी तक किसी भी प्रकार की वीआईपी सिफारिश या विशेष प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंदिर कमेटी के अनुसार, इस दौरान केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले व्यक्तियों को ही नियमों के तहत छूट मिल सकेगी, बाकी सभी को सामान्य कतार से ही दर्शन करने होंगे।

नो व्हीकल जोन और सुरक्षा व्यवस्था
भीड़ को देखते हुए रींगस से खाटू धाम जाने वाले मार्ग और मुख्य कस्बे को नो व्हीकल जोन घोषित किया गया है। निजी वाहनों को कस्बे से काफी दूर बनी पार्किंग में खड़ा करना होगा। पूरे मेला क्षेत्र और मंदिर की गलियों में 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिए 2500 से अधिक पुलिसकर्मी, होमगार्ड और निजी गार्ड्स को तैनात किया गया है।

एकादशी का विशेष संयोग
इस बार नए साल के साथ-साथ साल के अंतिम दिन यानी 31 दिसंबर को एकादशी तिथि का विशेष संयोग भी बन रहा है। बाबा श्याम के भक्तों के लिए एकादशी का दिन अत्यंत शुभ होता है, इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार 5 से 6 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

श्रद्धालुओं के लिए सलाह
कड़ाके की ठंड को देखते हुए पर्याप्त ऊनी कपड़े साथ रखें। बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें क्योंकि दर्शन के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ सकता है। प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट और नियमों का पालन करें ताकि दर्शन सुलभ हो सकें।

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