Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Jan, 2026 12:12 PM

संगम की रेती पर इस बार इतिहास रचने जा रहा है। माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्वों में से एक, 'माघी पूर्णिमा' पर इस साल अब तक की सबसे बड़ी भीड़ जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है।
Maghi Purnima 2026 World Record : संगम की रेती पर इस बार इतिहास रचने जा रहा है। माघ मेले के सबसे महत्वपूर्ण स्नान पर्वों में से एक, 'माघी पूर्णिमा' पर इस साल अब तक की सबसे बड़ी भीड़ जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है। प्रशासनिक आंकलनों और श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए यह माना जा रहा है कि इस एक दिन पवित्र त्रिवेणी में करीब 20 करोड़ लोग आस्था की डुबकी लगाएंगे।
क्यों टूटेगा इस बार रिकॉर्ड ?
प्रशासन का मानना है कि इस वर्ष मेले की व्यवस्थाएं और बेहतर परिवहन सुविधाओं के कारण दूर-दराज के राज्यों से आने वाले भक्तों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। साथ ही, माघी पूर्णिमा का विशेष ज्योतिषीय योग इस बार इतना शुभ है कि कल्पवासियों के साथ-साथ आम लोग भी इसे चूकना नहीं चाहते।
प्रशासनिक तैयारियां वार फुटिंग पर
20 करोड़ की इस संभावित भीड़ को संभालने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मेला प्रशासन ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। संगम तट पर घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है ताकि एक साथ लाखों लोग बिना किसी भगदड़ के स्नान कर सकें। एटीएस (ATS), आरएएफ (RAF) और हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात रहेंगे। साथ ही, ड्रोन कैमरों और एआई (AI) तकनीक से भीड़ के घनत्व पर नजर रखी जाएगी। विशेष मेला ट्रेनों और हजारों अतिरिक्त बसों का संचालन किया जा रहा है ताकि इतनी बड़ी संख्या में भक्तों को सुरक्षित लाया और ले जाया जा सके।
कल्पवासियों के लिए विदाई का दिन
माघी पूर्णिमा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसी दिन एक माह से चल रहा कठिन 'कल्पवास' पूर्ण होता है। लाखों कल्पवासी अपनी साधना पूरी कर गंगा माँ का आशीर्वाद लेकर अपने घरों को लौटते हैं, जिससे मेले में भीड़ का दबाव चरम पर होता है।
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