Edited By Sarita Thapa,Updated: 10 Jan, 2026 02:53 PM

हर नया साल अपने साथ नई उम्मीदें और सपने लेकर आता है, लेकिन कभी-कभी साल की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं होती।
Lord Krishna Mantras 2026 : हर नया साल अपने साथ नई उम्मीदें और सपने लेकर आता है, लेकिन कभी-कभी साल की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं होती। यदि 2026 के शुरुआती दिनों में ही आपको मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह या कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, तो समझ लीजिए कि अब समय कर्म के साथ भक्ति को जोड़ने का है। सनातन धर्म में भगवान श्री कृष्ण को क्लेशनाशाय यानी दुखों को जड़ से मिटाने वाला देव माना गया है। पुराणों के अनुसार, श्री कृष्णाष्टकम या अच्युताष्टकम जैसे दिव्य स्तोत्रों में वह शक्ति है जो न केवल आपके घर के वातावरण को सकारात्मक बनाती है, बल्कि आपके भीतर छिपे डर और चिंताओं को भी रफ़ूचक्कर कर देती है। तो आइए जानते हैं कृष्ण स्तोत्र के बारे में, जिसका 2026 में नियमपूर्वक पाठ करने से आपके जीवन में सुख-शांति का सूर्योदय हो सकता है।
श्री कृष्ण स्तोत्र पाठ
भजेव्रजैकमण्डनंसमस्तपापखण्डनं,
स्वभक्तचित्तरञ्जनंसदैव नन्दनन्दनम्।
सुपिच्छगुच्छमस्तकं सुनादवेणुहस्तकं,
अनंगरंगसागरंनमामि कृष्णनागरम्॥ १ ॥
मनोजगर्वमोचनं विशाललोललोचनं,
विधूतगोपशोचनंनमामि पद्मलोचनम्।
करारविन्दभूधरं स्मितावलोकसुन्दरं,
महेन्द्रमानदारणंनमामि कृष्णवारणम्॥ २ ॥
कदम्बसूनकुण्डलंसुचारुगण्डमण्डलं,
जाङ्गनैकवल्लभंनमामि कृष्ण दुर्लभम्।
यशोदया समोदया सगोपया सनन्दया,
युतंसुखैकदायकं नमामि गोपनायकम्॥ ३ ॥
सदैव पादपङ्कजंमदीयमानसेनिजं
दधानमुत्तमालकं नमामि नन्दबालकम्।
समस्तदोषशोषणंसमस्तलोकपोषणं,
समस्तगोपमानसंनमामि नन्दलालसम्॥ ४ ॥
भुवोभरावतारकं भवाब्धिकर्णधारकं,
यशोमतीकिशोरकं नमामि चित्तचोरकम्।
दृगन्तकान्तभङ्गिनंसदासदालसङ्गिनं,
दिनेदिनेनवंनवंनमामि नन्दसंभवम्॥ ५ ॥

गुणाकरंसुखाकरंकृपाकरंकृपापरं,
सुरद्विषन्निकन्दनंनमामि गोपनन्दनम्।
नवीनगोपनागरंनवीनकेलिलंपटं,
नमामि मेघसुन्दरंतटित्प्रभालसत्पटम्॥ ६ ॥
समस्तगोपनन्दनंहृदंबुजैकमोदनं,
नमामि कुञ्जमध्यगंप्रसन्नभानुशोभनम्।
निकामकामदायकं दृगन्तचारुसायकं ,
रसालवेणुगायकं नमामि कुञ्जनायकम्॥ ७ ॥
विदग्धगोपिकामनोमनोज्ञतल्पशायिनं,
नमामि कु काननेप्रवृद्धवह्नि पायिनम्।
यदा तदा यथा तथा तथैव कृष्णसत्कथा,
मया सदैव गीयतांतथा कृपा विधीयताम्॥ ८ ॥
प्रमाणिका कद्वयंजपत्यधीत्य यः पुमान्।
भवेत्स नन्दनन्दनेभवेभवेसुभक्तिमान्॥ ९ ॥
ॐ नमो श्रीकृष्णाय नमः॥
ॐ नमो नारायणाय नमः॥

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