Phulera Dooj 2026 : फुलेरा दूज पर करें ये चमत्कारी आरती, मिलेगा प्रेम, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद

Edited By Updated: 19 Feb, 2026 11:38 AM

phulera dooj 2026

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पावन पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में यह त्योहार 19 फरवरी यानी आज के दिन श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

Phulera Dooj 2026 : हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पावन पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में यह त्योहार 19 फरवरी यानी आज के दिन श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शास्त्रों में फुलेरा दूज को साल के सबसे शुभ और अबूझ' मुहूर्तों में से एक माना गया है यानी एक ऐसा दिन जब कोई भी मांगलिक कार्य करने के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। यह दिन पूरी तरह से प्रेम के प्रतीक भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन कान्हा ने राधा जी के साथ फूलों की होली खेली थी, जिससे प्रकृति का कण-कण प्रेममयी हो गया था। कहा जाता है कि यदि इस दिन सच्चे मन से राधा-माधव की वंदना और विशेष आरती की जाए, तो वैवाहिक जीवन के तनाव दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। तो आइए जानते हैं उस चमत्कारी आरती और  के बारे में, जो आपके जीवन को खुशियों की महक से भर देगी।

Phulera Dooj 2026

॥श्रीकृष्ण जी की आरती॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला,

बजावै मुरली मधुर बाला ।

श्रवण में कुण्डल झलकाला,

नंद के आनंद नंदलाला ।

गगन सम अंग कांति काली,

राधिका चमक रही आली ।

लतन में ठाढ़े बनमाली

भ्रमर सी अलक,

कस्तूरी तिलक,

चंद्र सी झलक,

ललित छवि श्यामा प्यारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

Phulera Dooj 2026

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै,

देवता दरसन को तरसैं ।

गगन सों सुमन रासि बरसै ।

बजे मुरचंग,

मधुर मिरदंग,

ग्वालिन संग,

अतुल रति गोप कुमारी की,

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

जहां ते प्रकट भई गंगा,

सकल मन हारिणि श्री गंगा ।

स्मरन ते होत मोह भंगा

बसी शिव सीस,

जटा के बीच,

हरै अघ कीच,

चरन छवि श्री बनवारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

Phulera Dooj 2026

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू,

बज रही वृंदावन बेनू ।

चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू

हंसत मृदु मंद,

चांदनी चंद,

कटत भव फंद,

टेर सुन दीन दुखारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

Phulera Dooj 2026

आरती कुंजबिहारी की,

श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

॥आरती श्री राधा रानी जी की ॥

आरती राधाजी की कीजै।

कृष्ण संग जो कर निवासा, कृष्ण करे जिन पर विश्वासा।

आरती वृषभानु लली की कीजै। आरती

कृष्णचन्द्र की करी सहाई, मुंह में आनि रूप दिखाई।

उस शक्ति की आरती कीजै। आरती

नंद पुत्र से प्रीति बढ़ाई, यमुना तट पर रास रचाई।

आरती रास रसाई की कीजै। आरती

प्रेम राह जिनसे बतलाई, निर्गुण भक्ति नहीं अपनाई।

आरती राधाजी की कीजै। आरती

दुनिया की जो रक्षा करती, भक्तजनों के दुख सब हरती।

आरती दु:ख हरणीजी की कीजै। आरती

दुनिया की जो जननी कहावे, निज पुत्रों की धीर बंधावे।

आरती जगत माता की कीजै। आरती

निज पुत्रों के काज संवारे, रनवीरा के कष्ट निवारे।

आरती विश्वमाता की कीजै। आरती राधाजी की

Phulera Dooj 2026

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