Edited By Lata,Updated: 06 Jan, 2020 02:17 PM

हमारे भारत देश में ऐसे कईं मंदिर स्थापित हैं, जिनसे जुड़ी परंपराएं बाकी मंदिरों से बहुत ही अलग होती हैं।
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हमारे भारत देश में ऐसे कईं मंदिर स्थापित हैं, जिनसे जुड़ी परंपराएं बाकी मंदिरों से बहुत ही अलग होती हैं। जब कभी कोई मंदिर भगवान के दर्शनों के लिए जाए तो उसे प्रसाद जरूर मिलता है और उस प्रसाद को पाने की लालसा सब में ही होती है और हो भी क्यों न, ये भगवान का आशीर्वाद ही तो होता है। अक्सर आप में से बहुत से लोगों ने सुना होगा कि ये प्रसाद कहीं कहीं नूडल्स या कहीं चॉकलेट का दिया जाता है। लेकिन आज हम आपको देश के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां प्रसाद के रूप में चाय मिलती है। जी हां, केरल के कण्णूर में मुथप्पन मंदिर है, जहां प्रसाद रूपी चाय ही जाती है।

मुथप्पन मंदिर केरल के कन्नूर जिले के तलिप्परम्बा से लगभग 10 किमी की दूरी पर है। केरल के कण्णूर में मुथप्पन नाम का मंदिर बेहद प्रसिद्ध है और ये मंदिर वलपट्टणम नदी के किनारे स्थित है, इसका खूबसूरत नजारा और अनोखी परंपरा दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। बता दें कि यहां श्री मुथप्पन की पूजा की जाती है औप इन्हें भगवान विष्णु और शिव जी का अवतार माना जाता है। यहां प्रसाद के रूप में साबूत मूंग की दाल और साथ में चाय दी जाती है, जिसे प्रसादम कहा जाता है।

इस मंदिर की एक ओर खास बात है कि यहां आने वाले हर व्यक्ति के लिए निःशुल्क भोजन और आवास यानि यहां रहने की व्यवस्था है। इसके पीछे ऐसी मान्यता है कि मुथप्पन देवता ने हमेशा कमजोरों के हितों की रक्षा की, इसलिए यहां आने वाले सभी लोगों को निःशुल्क भोजन और आवास का इंतजाम भी किया जाता है। यहां की खासियत है कि यहां श्वानों यानि कुत्तों को बहुत पवित्र माना जाता है, क्योंकि वे भगवान मुथप्पन के वाहन हैं।

मुथप्पन मंदिर अपने थीयम के लिए बहुत प्रसिद्ध है। थीयम, कथकली से मिलता जुलता एक लोक नृत्य है। इसके कलाकार विभिन्न पौराणिक पात्रों की कथाओं को प्रस्तुत करते हैं।