Edited By Sarita Thapa,Updated: 10 Jun, 2026 12:34 PM

सनातन धर्म में हर एक एकादशी को बहुत खास और शुभ माना जाता है। अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परम एकदाशी का व्रत रखा जाता है। यह एकादशी 3 साल में एक बार आती है। इस बार परम एकादशी का व्रत 11 जून, 2026 को रखा जाएगा।
Parama Ekadashi 2026 : सनातन धर्म में हर एक एकादशी को बहुत खास और शुभ माना जाता है। अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परम एकदाशी का व्रत रखा जाता है। यह एकादशी 3 साल में एक बार आती है। इस बार परम एकादशी का व्रत 11 जून, 2026 को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान और सच्चे मन से विष्णु जी की पूजा-अर्चना करने से और व्रत रखने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है और शुभ फलों का प्राप्ति होती है। साथ ही इस दिन दान-पुण्य करने का भी बहुत विशेष महत्व है। अगर इस दिन भगवान विष्णु की कृपा पाना चाहते हैं और अपने व्रत का संपूर्ण लाभ चाहिए तो परम एकादशी के दिन कुछ कार्यों को करने से परहेज करना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि परम एकादशी के दिन कौन से कामों को करने से बचना चाहिए।
चावल और अन्न का सेवन न करें
एकादशी के दिन चावल और अन्न का सेवन वर्जित माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति एकादशी के दिन चावल और अन्न का सेवन का सेवन करता है, उसे अगले जन्म में जमीन पर रेंगने वाले कीड़े योनि मिलती है। इसलिए व्रत रख रहे व्यक्ति के साथ परिवार के बाकी लोगों को भी चावन और अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए।
देर तक सोना और आलस करना
एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने चाहिए। इस दिन देर तक सोना अच्छा नहीं होता है। माना जाता है कि एकादशी के दिन देर तक सोने और आलस करने से नकारात्मक ऊर्जा हावी हो जाती है और विष्णु जी नाराज हो सकते हैं।

तुलसी के पत्ते तोड़ना
भगवान विष्णु को तुलसी बहुत ही प्रिय है। एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते को भूलकर भी नहीं तोड़ना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन तुलसी के पत्ते को तोड़ने से माता लक्ष्मी नाराज होकर घर से चली जाती है।
क्रोध करना और अपशब्द बोलना
एकादशी के दिन किसी पर गुस्सा नहीं करना चाहिए और किसी की निंदा करके उसे अशब्द नहीं बोलना चाहिए। भगवान विष्णु को शांति प्रिय है, इसलिए इस दिन कोशिश करें कि मौन धारण कर लें या कम से कम बोलें।

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