Edited By Niyati Bhandari,Updated: 18 Jun, 2026 07:18 AM

Pradyumn Vinayak Chaturthi 2026: प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी 2026 के अवसर पर भगवान गणेश की पूजा से घर में आएगी सुख-समृद्धि। जानें, 18 जून का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और कंगाली दूर करने के अचूक ज्योतिषीय उपाय
Pradyumn Vinayak Chaturthi 2026: हिंदू धर्म में भगवान गणेश को 'विघ्नहर्ता' और 'प्रथम पूज्य' माना गया है। किसी भी शुभ कार्य से पहले बप्पा का आह्वान करना अनिवार्य है। साल भर में आने वाली कई चतुर्थियों में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी का विशेष महत्व है, जिसे प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस साल यह पावन व्रत 18 जून 2026 को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा गृहस्थ जीवन से दरिद्रता और कलह को हमेशा के लिए समाप्त कर देती है।
प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग गणना के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 17 जून 2026 को रात 9 बजकर 38 मिनट पर होगा। इस तिथि का समापन 18 जून 2026 को शाम 6 बजकर 58 मिनट पर होगा। चूंकि शास्त्रों में उदया तिथि का विशेष महत्व है, इसलिए प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी का व्रत और पूजन 18 जून को ही संपन्न किया जाएगा।
क्यों खास है प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी?
यह व्रत भगवान गणेश के एक अत्यंत प्रभावशाली स्वरूप को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो दंपत्ति संतान सुख से वंचित हैं, उनके लिए यह व्रत विशेष फलदायी सिद्ध होता है। इसके अलावा, यदि आपके वैवाहिक जीवन में तनाव है या आर्थिक तंगी पीछा नहीं छोड़ रही है, तो प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी की उपासना से मानसिक शांति और समृद्धि के द्वार खुलते हैं।

प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी पूजा विधि
प्रात:काल स्नानादि से निवृत्त हो कर गणेश जी की प्रतिमा को कोरे कलश में जल भर कर तथा उसके मुंह पर कोरा कपड़ा बांध कर उस पर या फिर चौकी पर स्थापित किया जाता है। फिर गणेश जी की मूर्त पर सिंदूर चढ़ा कर उनका विशेष विधि से पूजन कर हर मनोकामना को पूर्ण कर घर में शांति एवं मंगल का वरदान मांगा जाता है।
पूजा में भगवान गणेश को दक्षिणा अर्पित कर 21 लड्डुओं का भोग लगाने का भी विधान है, इनमें से 5 लड्डू गणेश प्रतिमा के पास रखकर शेष ब्राह्मणों में बांट देने चाहिए। किसी भी कार्य को आरंभ करने से पहले भगवान गणेश की आरती और पूजा अवश्य की जाती है अन्यथा आपकी पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि वह ऐसे देव हैं जो बहुत जल्दी आपकी आराधना से प्रसन्न हो जाते हैं।

प्रद्युम्न विनायक चतुर्थी पर करें ये विशेष उपाय
आज के दिन यदि कुछ स्पेशल उपाय और मंत्र जाप कर लिए जाएं तो मंगलकर्ता-अमंगलहर्ता आपके सभी कष्टों को खत्म कर देंगे। अपनी जमा-पूंजी यानी बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी कर सकते हैं, करियर में मनचाही सफलता प्राप्त कर सकते हैं, शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर सकते हैं और किसी को भी अपने काबू में किया जा सकता है।
धनवान बनने के लिए अन्न और देसी घी मिलाकर 108 आहुतियां दें और इस मंत्र का जाप करें- वक्र तुण्डाय हुं।
बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी के लिए नारियल के टुकड़ों की एक हजार आहुतियां दें और इस मंत्र का जाप करें- वक्र तुण्डाय हुं।
कर्ज के दलदल में फंसे लोग, आज से शुरु करके हर रोज़ 1008 बार वक्रतुण्ड मंत्र का जप करें।
हर तरह की फाइनेंशियल समस्या से छुटकारा पाने के लिए गन्ने के रस, सत्तू, केला, चिउड़ा, तिल, मोदक, नारियल और धान के लावा में से किसी एक चीज़ की 108 आहुतियां दें।
