Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Nov, 2026 03:55 PM

केरल सरकार ने गुरुवार को यहां एक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य 'मंडलकाला-मकरविलक्कू' तीर्थयात्रा सीजन के दौरान सबरीमाला आने वाले भगवान अयप्पा के भक्तों को व्यापक स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा प्रदान करना है।
पथानामथिट्टा (केरल) : केरल सरकार ने गुरुवार को यहां एक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान शुरू किया। इसका उद्देश्य 'मंडलकाला-मकरविलक्कू' तीर्थयात्रा सीजन के दौरान सबरीमाला आने वाले भगवान अयप्पा के भक्तों को व्यापक स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा प्रदान करना है। एक सरकारी बयान के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य और देवस्वोम मंत्री के. मुरलीधरन ने 'स्वास्थ्यम शरणम' नामक इस अभियान की शुरुआत की और इसका लोगो भी जारी किया। यह कार्यक्रम पंडालम के वलियाकोइकल श्री धर्म सास्ता मंदिर के सभागार में आयोजित किया गया था। इसमें कांग्रेस सांसद एंटो एंटनी, विधायक सी.वी. शांतकुमार, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार और जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बयान में कहा गया है कि, "इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य 'मंडलकाला-मकरविलक्कू' तीर्थयात्रा के दौरान सबरीमाला आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।" अभियान के तहत, स्वास्थ्य विभाग ने पंपा से सन्निधानम तक के तीर्थ मार्ग और विभिन्न 'एडथावलम' (बीच के पड़ावों) पर व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं तैयार की हैं। बयान के अनुसार, तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं में 24 घंटे काम करने वाले स्वास्थ्य केंद्र, आपातकालीन उपचार सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं और हृदय संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए विशेष सुविधाएं शामिल हैं।
चूंकि बुजुर्ग तीर्थयात्रियों और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों वाले लोगों को चढ़ाई के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए इस अभियान के तहत एहतियाती उपायों और स्वास्थ्य जागरूकता को और मजबूत किया जाएगा। इसमें आगे कहा गया है कि, "स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने पर समय पर इलाज उपलब्ध कराने और आपातकालीन स्थितियों में सुरक्षित उपचार सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।" बयान के अनुसार, 'स्वास्थ्यम शरणम' स्वस्थ तीर्थयात्रा और जागरूकता अभियान का लक्ष्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और सरकार की अन्य शाखाओं के बीच समन्वय के माध्यम से तीर्थयात्रा की अवधि को सुरक्षित और स्वस्थ बनाना है।
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