Edited By Niyati Bhandari,Updated: 30 Oct, 2026 02:23 PM

इस बार ट्रेड फेयर में सिर्फ सामान नहीं बिकेगा, आपकी हर गतिविधि पर एआई की नजर होगी। चेहरे को पहचानने वाले चश्मे, नंबर प्लेट पढ़ने वाले कैमरे और ड्रोन वाली सुरक्षा के बीच दुनिया के 11 देशों और भारत के 28 राज्यों के स्वदेशी उत्पाद दिखेंगे। लाल किले के...
नई दिल्ली (ज्ञानप्रकाश/ नवोदय टाइम्स): इस बार ट्रेड फेयर में सिर्फ सामान नहीं बिकेगा, आपकी हर गतिविधि पर एआई की नजर होगी। चेहरे को पहचानने वाले चश्मे, नंबर प्लेट पढ़ने वाले कैमरे और ड्रोन वाली सुरक्षा के बीच दुनिया के 11 देशों और भारत के 28 राज्यों के स्वदेशी उत्पाद दिखेंगे। लाल किले के धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रगति मैदान को किला नहीं, हाईटेक कंट्रोल रूम
बना दिया है।
इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (आईटीपीओ) का 45वां इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) इस बार 13 नवंबर से 27 नवंबर 2026 तक भारत मंडपम, प्रगति मैदान में लगेगा। पहली बार 46 साल पुरानी परंपरा टूटी है। मेला हमेशा 14 नवंबर से शुरू होता था, इस बार एक दिन पहले 13 नवम्बर से शुरू होगा।
थीम है - विकास और विरासत। 13 से 18 नवम्बर तक बिजनेस डेज रहेंगे, सिर्फ व्यापारी और निवेशक आएंगे। 19 से 27 नवम्बर तक आम जनता के लिए मेला खुलेगा। समय सुबह 10 से शाम 7:30 बजे तक रहेगा।
खासियतें
भारतीय राज्यों में पार्टनर स्टेट - राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश हैं, फोकस स्टेट - झारखंड है। राजस्थान 1000 वर्ग मीटर में ब्लू पॉटरी, सांगानेरी प्रिंट और हैंडीक्राफ्ट दिखाएगा। यूपी ओडीओपी के तहत एक जिला-एक उत्पाद, नागालैंड हैंडलूम और फूड प्रोडक्ट, जम्मू-कश्मीर पश्मीना, गुजरात खादी और केरल कॉयर प्रोडक्ट लेकर आएगा। एमएसएमई मंत्रालय की थीम है - विकास भी, विरासत भी। यानी स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत ही इस मेले की जान है। इस बार की सबसे बड़ी तैयारी सुरक्षा को लेकर है। हाल ही में लाल किले के पास हुए धमाके के बाद दिल्ली पुलिस और आईटीपीओ ने मल्टी-लेयर सुरक्षा प्लान बनाया है।
बड़े आयोजनों में सीसीटीवी कैमरों, प्रवेश द्वारों की जांच, एंटी-सैबोटाज टीम, डॉग स्क्वायड और क्विक रिस्पॉन्स टीम की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। एआई आधारित वीडियो एनालिटिक्स भीड़ का घनत्व बढ़ने, असामान्य गतिविधियों या किसी क्षेत्र में अचानक दबाव की पहचान करने में मदद कर सकता है। ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता है या नहीं, यह संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।
ड्रोन और डॉग स्क्वायड से रखी जाएगी नजर
एंटी-सैबोटाज टीम, क्विक रिएक्शन टीम और डॉग स्क्वायड रोजाना हॉल की जांच करेंगे। ड्रोन से छत और भीड़ पर नजर रखी जाएगी।
डिजिटल एंट्री
इस बार टिकट के साथ क्यूआर कोड और दिगियात्रा ऐप से एंट्री होगी। गेट नंबर 3, 4, 6 और 10 पर 3 लेयर की चेकिंग - मेटल डिटेक्टर, बैग स्कैनर और आईडी चेक होगा। बिना आईडी के एंट्री नहीं मिलेगी।
इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर
एडमिन ब्लॉक में एक सेंट्रल कंट्रोल रूम बनेगा, जहां दिल्ली पुलिस, सीआईएसएफ, आरएएफ और आईटीपीओ सिक्योरिटी एक साथ बैठकर 500 कैमरों की लाइव फुटेज मोबाइल पर देख सकेंगे। फूड कोर्ट और कल्चरल एरिया जैसे चोक पॉइंट पर खास नजर रहेगी।
सिर्फ व्यापार का मेला नहीं
आईटीपीओ के अधिकारी का कहना है मेला पूरी तरह सुरक्षित होगा। हम चाहते हैं लोग बेफिक्र होकर खरीदारी करें और भारत की विरासत देखें, सुरक्षा की चिंता प्रशासन की है। इस बार आईआईटीएफ सिर्फ व्यापार का मेला नहीं है, ये भारत की ताकत, टेक्नोलॉजी और स्वदेशी की नई पहचान का शोकेस है।