Edited By Sarita Thapa,Updated: 05 Sep, 2026 08:01 AM

हिंदू धर्म में हर एक एकादशी का अपना एक अलग खास महत्व है। साल में कुल 24 एकादशी मनाई जाती है। इस साल भाद्रपद में दो खास एकादशियां- अजा एकादशी और परिवर्तिनी एकादशी आज रही है।
September Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में हर एक एकादशी का अपना एक अलग खास महत्व है। साल में कुल 24 एकादशी मनाई जाती है। इस साल भाद्रपद में दो खास एकादशियां- अजा एकादशी और परिवर्तिनी एकादशी आज रही है। माना जाता है कि सितंबर में आने वाली एकादशियों का व्रत रखने से भगवान विष्णु की खास कृपा प्राप्त होती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में आने वाली सारी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। यदि आप भी इस महीने में एकदाशी व्रत रखने के बारे में सोच रहे हैं, तो आइए जानते हैं सितंबर की दो एकादशियों के शुभ मुहूर्त और पारण समय के बारे में-
अजा एकादशी का शुभ मुहूर्त
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। अजा एकादशी की शुरुआत 6 सितंबर को 7 बजकर 29 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन शाम 5 बजकर 03 मिनट पर होगा। अजा एकादशी का पारण 7 सितंबर को सुबह 6 बजकर 02 मिनट से 8 बजकर 33 मिनट तक कर सकते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रीहरि विष्णु के ऋषिकेश स्वरूप की पूजा करने से व्यक्ति के पूर्व जन्मों के पाप भी धुल जाते हैं और रुका हुआ धन वापस मिलता है।

परिवर्तिनी एकादशी
भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी या जलझूलनी एकादशी कहा जाता है। परिवर्तिनी एकादशी की शुरुआत 21 सितंबर को रात 8.00 बजे से होगी और इसका समापन 22 सितंबर को रात 09 बजकर 43 मिनट पर होगा। परिवर्तिनी एकादशी का पारण 23 सितंबर को सुबह 6 बजकर 10 मिनट से 8 बजकर 35 मिनट तक कर सकते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, चार महीने की योगनिद्रा के दौरान भगवान विष्णु इस दिन अपनी करवट बदलते हैं। इस दिन वामन अवतार की पूजा करने का विशेष विधान है।

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