Shani Trayodashi 2026: साढ़ेसाती और ढैय्या वालों के लिए खास दिन कब है, जानें पूजा विधि और उपाय

Edited By Updated: 09 Feb, 2026 11:11 AM

shani trayodashi

Shani Trayodashi 2026: शनि त्रयोदशी को हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी तिथि माना गया है। यह दिन भगवान शिव और शनि देव दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है। विशेष रूप से जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही...

Shani Trayodashi 2026: शनि त्रयोदशी को हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और फलदायी तिथि माना गया है। यह दिन भगवान शिव और शनि देव दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है। विशेष रूप से जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, उनके लिए शनि त्रयोदशी को वरदान समान माना जाता है। जब त्रयोदशी तिथि शनिवार को पड़ती है, तब इसे शनि त्रयोदशी या शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ संयोग फाल्गुन मास में बन रहा है।

PunjabKesari Shani Trayodashi

Shani Trayodashi 2026 Date: कब मनाई जाएगी शनि त्रयोदशी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 फरवरी 2026 (शनिवार) को शनि त्रयोदशी मनाई जाएगी। इसी दिन शनि प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। यह संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है।

PunjabKesari Shani Trayodashi

शनि त्रयोदशी पूजा विधि (Shani Trayodashi 2026 Puja Vidhi)
शनि त्रयोदशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। पीपल के वृक्ष के नीचे जल अर्पित करें। संध्या काल में पुनः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान शिव का गंगाजल और दूध से अभिषेक करें। शिवलिंग पर बिल्व पत्र और शमी पत्र अर्पित करें। पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसमें काले तिल डालें। ॐ नमः शिवाय और ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जप करें। शनि त्रयोदशी कथा पढ़ें और अंत में शनि चालीसा व आरती करें।

PunjabKesari Shani Trayodashi

शनि त्रयोदशी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि देव भगवान शिव के परम भक्त हैं। महादेव ने ही शनि देव को न्याय और कर्मफल का देवता बनाया। शनि त्रयोदशी के दिन पूजा और व्रत करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है। साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिलती है।
रुके हुए कार्यों में गति आती है। रोग, कर्ज और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो लंबे समय से संघर्ष और बाधाओं का सामना कर रहे हैं।

शनि त्रयोदशी के उपाय (Shani Trayodashi Upay)
शिवलिंग पर तिल के तेल से अभिषेक करें।
शनि देव को काले तिल और सरसों का तेल अर्पित करें।
शाम के समय पीपल के वृक्ष की पूजा करें।
गंगा जल में काले तिल मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करें।
इन उपायों से शनि की अशुभ दृष्टि कम होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

PunjabKesari Shani Trayodashi

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!