Smile please : महान हस्तियों के वे विचार, जो बदल सकते हैं आपके देखने का नज़रिया और जीवन की दिशा

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 03:49 PM

smile please

परमात्मा का ध्यान ही सच्चा काम है। चाहे तुम न्यूयार्क की दौड़-धूप में रहो, चाहे हिमालय के एकांत में, यदि यह ध्यान तु हारे अंतकरण में विद्यमान रहता है तो प्रभाव सदा एक-सा होगा। स्थान, रूप, रंग या ढंग आदि का इस तथ्य पर कोई अंतर नहीं पड़ता।

Smile please :  परमात्मा का ध्यान ही सच्चा काम है। चाहे तुम न्यूयार्क की दौड़-धूप में रहो, चाहे हिमालय के एकांत में, यदि यह ध्यान तु हारे अंतकरण में विद्यमान रहता है तो प्रभाव सदा एक-सा होगा। स्थान, रूप, रंग या ढंग आदि का इस तथ्य पर कोई अंतर नहीं पड़ता। —स्वामी रामतीर्थ

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जितना हम अध्ययन करते हैं, उतना ही हमको अपने अज्ञान का आभास होता है। —स्वामी विवेकानंद

सच्ची लगन को कांटों की परवाह नहीं होती। —प्रेमचंद

वह व्यक्ति गरीब नहीं है जिसके पास थोड़ा बहुत ही है। गरीब तो वह है, जो और ज्यादा के लिए मरा जा रहा है।     —सैनेका

सत्य के प्रति स मान छूट जाए अथवा थोड़ा-सा कम हो जाए तो सारी चीजें संदेहास्पद बनी रह जाएंगी। —संत अगस्तीन

साध्य तक पहुंचने का साधन नहीं है शिक्षा, यह खुद एक साध्य है।   —राबर्ट ए. हाइलाइन

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अच्छे शब्दों के प्रयोग से बुरे लोगों का भी दिल जीता जा सकता है। इच्छाएं ही सब दुखों का मूल कारण हैं।              —भगवान बुद्ध

मनुष्य का सबसे बड़ा कोई शत्रु है तो वह है उसकी अज्ञानता।    —चाणक्य 

क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात कहने की बजाय दूसरों के हृदय को ज्यादा दुखाता है।  —मुंशी प्रेमचंद

जिस प्रकार बिना जल के धान नहीं उगता उसी प्रकार बिना विनय के प्राप्त की गई विद्या फलदायी नहीं होती।  —भगवान महावीर

जैसे सूर्य आकाश में छुप कर नहीं विचर सकता उसी प्रकार महापुरुष भी संसार में गुप्त नहीं रह सकते।   —व्यास

कुमंत्रणा से राजा का, कुसंगति से साधु का, अत्यधिक दुलार से पुत्र का नाश होता है।  —विदुर

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