Edited By Prachi Sharma,Updated: 19 Mar, 2026 01:53 PM

Ujjain Mahakal : श्री महाकालेश्वर मंदिर में हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर परंपरा अनुसार मंदिर के शिखर पर ब्रह्मध्वज का विधिवत आरोहण किया गया। 19 मार्च 2026 को आयोजित इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में मंदिर के शिखर का ध्वज बदला गया और सूर्य...
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Ujjain Mahakal : श्री महाकालेश्वर मंदिर में हिंदू नववर्ष और गुड़ी पड़वा के पावन अवसर पर परंपरा अनुसार मंदिर के शिखर पर ब्रह्मध्वज का विधिवत आरोहण किया गया। 19 मार्च 2026 को आयोजित इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में मंदिर के शिखर का ध्वज बदला गया और सूर्य चिन्ह से सुशोभित केसरिया ब्रह्म ध्वज स्थापित किया गया।
यह आयोजन आस्था और परंपरा का अनूठा संगम रहा। ब्रह्मध्वज को सम्राट विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा मंदिर प्रबंध समिति को उपलब्ध कराया गया।

ध्वज स्थापना से पहले मंदिर परिसर स्थित श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा में महंत विनीत गिरी जी महाराज के सानिध्य में विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पूजन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ ब्रह्मध्वज को मंदिर के शिखर पर चढ़ाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
मान्यता है कि ब्रह्मध्वज परिवर्तन से नववर्ष में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और कल्याण का संचार होता है। हर वर्ष गुड़ी पड़वा पर यह परंपरा निभाई जाती है, जो उज्जैन की धार्मिक विरासत और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाती है।

विशाल ठाकुर