Ujjain Mahakal Sawari: कार्तिक-मार्गशीर्ष माह में महाकाल की भव्य सवारी, कल चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में देंगे दर्शन

Edited By Updated: 17 Nov, 2025 09:48 AM

ujjain mahakal sawari

पवित्र कार्तिक और मार्गशीर्ष माह के दौरान निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की राजसी सवारियों का क्रम अब अपने अंतिम चरण में है। इस माह की यह आखिरी शाही सवारी कल 18 नवंबर 2025 धूमधाम से निकलेगी, जिसमें बाबा महाकाल अपने भक्तों को श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप...

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Ujjain Mahakal Sawari: पवित्र कार्तिक और मार्गशीर्ष माह के दौरान निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की राजसी सवारियों का क्रम अब अपने अंतिम चरण में है। इस माह की यह आखिरी शाही सवारी कल 18 नवंबर 2025 धूमधाम से निकलेगी, जिसमें बाबा महाकाल अपने भक्तों को श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में दर्शन देंगे। यह सवारी उज्जैन की धार्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु उमड़ते हैं।

बाबा महाकाल के स्वरूप और दर्शन
इस राजसी सवारी में भक्तों को भगवान महाकाल के कई मनमोहक स्वरूपों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। मुख्य रूप से पालकी में विराजित है श्री चंद्रमौलेश्वर। यह सवारी का मुख्य स्वरूप है, जिसमें भगवान भक्तों को दर्शन देंगे। पालकी के पीछे एक रथ पर गरुड़ पर सवार शिव-पार्वती, और एक अन्य रथ पर श्री होलकर तथा श्री मनमहेश जैसे स्वरूप भी दर्शन देते हुए आगे बढ़ेंगे।

सवारी का मार्ग और पूजा
सवारी की शुरुआत निर्धारित समय पर महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार से होगी। सबसे पहले, मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर का विधि-विधान से पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद, पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया जाएगा। यह सवारी महाकाल मंदिर से शुरू होकर कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, और रामघाट होते हुए क्षिप्रा नदी के तट पर पहुंचेगी। फिर शिप्रा नदी के पवित्र जल से भगवान का अभिषेक और पूजन किया जाएगा। पूजन के बाद, सवारी रामघाट से पुन: निर्धारित मार्ग से होते हुए महाकालेश्वर मंदिर परिसर में लौट आएगी, जहां पूजा अर्चना के साथ इसका समापन होगा।

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