Edited By Prachi Sharma,Updated: 18 Feb, 2026 11:53 AM

Vastu Tips : वास्तु शास्त्र में दर्पण केवल चेहरा देखने वाली वस्तु नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा को परावर्तित करने और दोगुना करने वाला एक शक्तिशाली माध्यम माना गया है। यदि सही दिशा और स्थान पर दर्पण लगाया जाए, तो यह घर की नकारात्मकता को सोख लेता है और...
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Vastu Tips : वास्तु शास्त्र में दर्पण केवल चेहरा देखने वाली वस्तु नहीं है बल्कि यह ऊर्जा को परावर्तित करने और दोगुना करने वाला एक शक्तिशाली माध्यम माना गया है। यदि सही दिशा और स्थान पर दर्पण लगाया जाए, तो यह घर की नकारात्मकता को सोख लेता है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ा देता है। खासकर आर्थिक तंगी दूर करने और तिजोरी को हमेशा धन से भरा रखने के लिए दर्पण के कुछ अचूक उपाय वास्तु में बताए गए हैं। आइए, विस्तार से समझते हैं कि शीशे का सही उपयोग आपकी किस्मत कैसे बदल सकता है।
तिजोरी के सामने दर्पण:
यदि आप अपनी अलमारी या तिजोरी के सामने एक दर्पण लगाते हैं, तो उसमें धन और गहनों का प्रतिबिंब दिखाई देता है। वास्तु के अनुसार, यह इस बात का प्रतीक है कि आपके धन के स्रोत बढ़ रहे हैं और संपत्ति दोगुनी हो रही है। अपनी तिजोरी या लॉकर के अंदर उत्तरी दीवार पर एक छोटा दर्पण लगाएं ताकि जब आप उसे खोलें, तो उसमें रखा धन साफ दिखाई दे। दर्पण कभी भी गंदा या धुंधला नहीं होना चाहिए। गंदा दर्पण धन के आगमन में बाधा उत्पन्न करता है।

दर्पण के लिए सही दिशा का चुनाव
दर्पण किस दिशा में लगा है, इसका सीधा प्रभाव घर की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है। इस दीवार पर लगा दर्पण धन के नए अवसर लाता है। उत्तर दिशा में लगा दर्पण आय के स्रोतों में वृद्धि करता है। पूर्व दिशा में दर्पण लगाने से परिवार के सदस्यों की उन्नति होती है और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा की दीवारों पर दर्पण लगाने से बचना चाहिए। यह दिशाएं भारी मानी जाती हैं, यहां दर्पण लगाने से व्यर्थ के खर्चे बढ़ते हैं और संचित धन कम होने लगता है।
दर्पण का आकार और बनावट
वास्तु के अनुसार घर के लिए ये आकार सबसे उत्तम माने जाते हैं। ये ऊर्जा को संतुलित रूप से फैलाते हैं। हालांकि आजकल गोल दर्पण फैशन में हैं लेकिन वास्तु के अनुसार ये ऊर्जा को केंद्रित कर देते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। कभी भी त्रिकोणीय या ऐसे दर्पण न लगाएं जिनके किनारे नुकीले हों। यह घर में कलह का कारण बनते हैं।
मुख्य द्वार और दर्पण
अक्सर लोग घर को सुंदर दिखाने के लिए मुख्य द्वार के ठीक सामने दर्पण लगा देते हैं। वास्तु के अनुसार यह एक बड़ी चूक है। माना जाता है कि घर के मुख्य द्वार से ही लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। यदि द्वार के सामने ठीक शीशा लगा होगा, तो वह ऊर्जा टकराकर वापस घर से बाहर चली जाएगी।

बेडरूम में दर्पण के नियम
बेडरूम में गलत स्थान पर लगा दर्पण पति-पत्नी के रिश्तों और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। सोते समय आपके शरीर का कोई भी हिस्सा दर्पण में नहीं दिखना चाहिए। इससे स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। यदि आपके कमरे में अलमारी पर दर्पण लगा है और उसे हटाया नहीं जा सकता, तो सोते समय उसे किसी कपड़े से ढक दें।
डाइनिंग टेबल के पास दर्पण
आर्थिक समृद्धि का एक और गुप्त उपाय है डाइनिंग टेबल के सामने दर्पण। जब आप भोजन करते समय दर्पण में खुद को और भोजन को देखते हैं, तो यह अन्न की बहुतायत का संकेत देता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह उपाय घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होने देता। यह परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और संतुष्टि की भावना को भी बढ़ाता है।
