Edited By Prachi Sharma,Updated: 15 Feb, 2026 02:29 PM

Vastu Tips : वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का विज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे रहन-सहन और आदतों का भी विश्लेषण करता है। कई बार हम कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी घर में पैसा नहीं टिकता या कर्ज का बोझ बढ़ता जाता है। वास्तु के अनुसार, हमारी कुछ...
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Vastu Tips : वास्तु शास्त्र केवल दिशाओं का विज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे रहन-सहन और आदतों का भी विश्लेषण करता है। कई बार हम कड़ी मेहनत करते हैं, लेकिन फिर भी घर में पैसा नहीं टिकता या कर्ज का बोझ बढ़ता जाता है। वास्तु के अनुसार, हमारी कुछ छोटी-छोटी दैनिक आदतें अनजाने में नकारात्मक ऊर्जा को जन्म देती हैं, जिससे माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।
मुख्य द्वार पर गंदगी रखना
वास्तु में घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना जाता है। यदि मुख्य द्वार के पास जूते-चप्पल बिखरे रहते हैं, कूड़ेदान रखा है या वहां अंधेरा रहता है, तो सकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती। मुख्य द्वार को हमेशा साफ रखें। शाम के समय वहां एक दीपक जरूर जलाएं और दहलीज पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं।
रसोई में जूठे बर्तन छोड़ना
अक्सर लोग रात का खाना खाने के बाद बर्तन सिंक में ही छोड़ देते हैं और सुबह धोते हैं। वास्तु के अनुसार, यह आदत सबसे अधिक दरिद्रता लाती है। जूठे बर्तन रात भर रहने से मंगल और शनि का नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है। रात को सोने से पहले रसोई साफ करें और जूठे बर्तन धोकर ही सोएं। इससे घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती।
नल से पानी का टपकना
क्या आपके घर का कोई नल धीरे-धीरे टपकता रहता है ? वास्तु में पानी को धन के समान माना गया है। टपकता हुआ नल इस बात का प्रतीक है कि आपका पैसा व्यर्थ के कार्यों में पानी की तरह बह रहा है। घर के किसी भी हिस्से में नल खराब हो, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं। पानी की बर्बादी आर्थिक नुकसान का सीधा संकेत है।

सूर्यास्त के बाद दान देना
दान करना पुण्य का काम है लेकिन वास्तु और ज्योतिष के अनुसार सूर्यास्त के बाद कुछ चीजों का दान वर्जित है। शाम के समय दूध, दही, नमक या पैसे किसी को उधार या दान में देना अपनी घर की लक्ष्मी को विदा करने जैसा माना जाता है। यदि बहुत जरूरी न हो, तो शाम के बाद इन सफेद वस्तुओं का लेन-देन करने से बचें।
उत्तर-पूर्व में भारी सामान रखना
घर की उत्तर-पूर्व दिशा भगवान शिव और कुबेर का स्थान मानी जाती है। यदि इस दिशा में स्टोर रूम बनाया गया है, भारी मशीनें रखी हैं या यह हिस्सा गंदा रहता है, तो धन का आगमन रुक जाता है। ईशान कोण को हमेशा खाली, हल्का और साफ रखें। यहाँ जल का कलश या छोटा मंदिर रखना अत्यंत शुभ होता है।
बिस्तर पर बैठकर भोजन करना
आधुनिक जीवनशैली में कई लोग बिस्तर पर बैठकर ही खाना खाते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बिस्तर सोने का स्थान है, भोजन का नहीं। ऐसा करने से राहु का दुष्प्रभाव बढ़ता है और व्यक्ति कर्ज के जाल में फंस सकता है। हमेशा जमीन पर आसन बिछाकर या डाइनिंग टेबल पर बैठकर ही भोजन करें। इससे अन्न का सम्मान होता है और स्वास्थ्य भी ठीक रहता है।
पर्स में फालतू कागज और पुराने बिल रखना
हमारा पर्स धन रखने का स्थान है। यदि आप इसमें पुराने बिल, फटे हुए कागज या मृत पूर्वजों की तस्वीरें रखते हैं, तो इससे नकारात्मकता पैदा होती है और पैसा टिकना बंद हो जाता है। पर्स को व्यवस्थित रखें। उसमें केवल मुद्रा और जरूरी कार्ड्स ही रखें। एक छोटा सा चांदी का सिक्का या चावल के दाने रखना शुभ माना जाता है।
घर के कोनों में मकड़ी के जाले
घर के कोनों में जाले लगना इस बात का संकेत है कि आपके विचार और कार्य रुक रहे हैं। वास्तु में मकड़ी के जाले दुर्भाग्य का प्रतीक हैं, जो मानसिक तनाव और आर्थिक मंदी लाते हैं। हर हफ्ते घर की सफाई करें। कोनों को साफ रखें ताकि ऊर्जा का प्रवाह निरंतर बना रहे।
