Edited By Niyati Bhandari,Updated: 09 Feb, 2026 10:14 AM

Valentine Day Story Behind: हर साल 14 फरवरी को जब दुनिया भर में लाल गुलाब, ग्रीटिंग कार्ड और प्यार भरे संदेशों की बौछार होती है, तब बहुत कम लोग जानते हैं कि वैलेंटाइन डे सिर्फ रोमांस का दिन नहीं, बल्कि प्रेम और इंसानियत के लिए दी गई एक सच्ची...
Valentine Day Story Behind: हर साल 14 फरवरी को जब दुनिया भर में लाल गुलाब, ग्रीटिंग कार्ड और प्यार भरे संदेशों की बौछार होती है, तब बहुत कम लोग जानते हैं कि वैलेंटाइन डे सिर्फ रोमांस का दिन नहीं, बल्कि प्रेम और इंसानियत के लिए दी गई एक सच्ची कुर्बानी की याद है। वैलेंटाइन डे उस संत वेलेंटाइन की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने प्रेम को अपराध मानने से इनकार कर दिया और इसके लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए।

14 फरवरी क्यों मनाया जाता है वैलेंटाइन डे?
14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाने के पीछे कोई कल्पनात्मक प्रेम कथा नहीं, बल्कि इतिहास में दर्ज एक वास्तविक घटना है। यह दिन संत वेलेंटाइन के मृत्यु दिवस के रूप में जाना जाता है, जिन्हें प्रेम और मानवता के पक्ष में खड़े होने की सजा मिली थी।

कौन थे संत वेलेंटाइन?
संत वेलेंटाइन तीसरी शताब्दी में रोमन साम्राज्य के समय के एक ईसाई पादरी थे। उस समय रोम पर सम्राट क्लॉडियस द्वितीय का शासन था। लगातार युद्धों के कारण सम्राट को एक बड़ी और मजबूत सेना की आवश्यकता थी।
क्लॉडियस द्वितीय का मानना था कि अविवाहित पुरुष बेहतर सैनिक बनते हैं, क्योंकि उन्हें परिवार और प्रेम संबंधों की चिंता नहीं होती। इसी सोच के चलते उन्होंने पूरे रोम में विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया।

प्रेम के पक्ष में खड़े हुए संत वेलेंटाइन
सम्राट का यह आदेश आम जनता के लिए बेहद पीड़ादायक था। प्रेम करने वाले युवक-युवतियों के सपने टूट गए। संत वेलेंटाइन को यह फैसला अमानवीय और अधार्मिक लगा। उन्होंने चुप रहने के बजाय छिपकर प्रेमी जोड़ों का विवाह ईसाई परंपरा के अनुसार कराना शुरू कर दिया। उनका मानना था कि “प्रेम कोई अपराध नहीं, बल्कि ईश्वर का वरदान है।”
गिरफ्तारी और मौत की सजा
कुछ समय बाद सम्राट को संत वेलेंटाइन के इस कार्य की जानकारी मिल गई। आदेश की अवहेलना और विद्रोह के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में उन्हें मृत्युदंड की सजा सुना दी गई।

चमत्कार और पहला वैलेंटाइन संदेश
जिस जेल में संत वेलेंटाइन को रखा गया था, वहां के जेलर की एक बेटी जन्म से अंधी थी। मान्यता है कि संत वेलेंटाइन की प्रार्थना से उस लड़की की आंखों की रोशनी लौट आई।
फांसी से पहले संत वेलेंटाइन ने उस लड़की को एक पत्र लिखा, जिसके अंत में उन्होंने लिखा —
“From Your Valentine”
इसे ही दुनिया का पहला वैलेंटाइन संदेश माना जाता है।
कब हुई संत वेलेंटाइन की मृत्यु?
इतिहासकारों के अनुसार, 14 फरवरी 270 ईस्वी को संत वेलेंटाइन को फांसी दे दी गई। उनके बलिदान की स्मृति में 496 ईस्वी में पोप गेलैसियस ने 14 फरवरी को आधिकारिक रूप से वैलेंटाइन डे घोषित किया।
वैलेंटाइन डे का असली अर्थ
वैलेंटाइन डे सिर्फ गुलाब और उपहारों का दिन नहीं, बल्कि यह दिन याद दिलाता है कि सच्चा प्रेम साहस, त्याग और इंसानियत से जन्म लेता है।
