Edited By Mansi,Updated: 02 Jan, 2026 04:14 PM

1971 indo-pak युद्ध में शहीद हुए सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल की सच्ची कहानी पर आधारित ‘इक्कीस’ हिम्मत, कुर्बानी और विरासत की गहराई से छूने वाली मानवीय कहानी बयां करती है।
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। युद्ध-ड्रामा ‘इक्कीस’, जिसमें अगस्त्या नंदा, धरमेंद्र और जयदीप अहलावत नज़र आते हैं, आज 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई और रिलीज़ होते ही पूरे देश में भावनाओं की सुनामी ला दी। श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी यह फिल्म हिंदी सिनेमा के लिए एक भावुक पड़ाव इसलिए भी है, क्योंकि इसमें बॉलीवुड के ओरिजिनल ही-मैन धरमेंद्र की आखिरी ऑन-स्क्रीन मौजूदगी देखने को मिलती है।
अरुण खेतरपाल की सच्ची कहानी पर आधारित
1971 indo-pak युद्ध में शहीद हुए सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल की सच्ची कहानी पर आधारित ‘इक्कीस’ हिम्मत, कुर्बानी और विरासत की गहराई से छूने वाली मानवीय कहानी बयां करती है। अगस्त्या नंदा, सिमर भाटिया और जयदीप अहलावत की मौजूदगी वाली इस फिल्म पर सोशल मीडिया पर भावनाओं की बारिश हो रही है। लोग इसकी सधी हुई कहानी, भावनात्मक सच्चाई और दमदार अभिनय की तारीफ करते नहीं थक रहे।
सोशल मीडिया पर हो रही जमकर तारीफ
एक यूज़र ने लिखा- “श्रीराम राघवन की ‘इक्कीस’ एक बेहद मार्मिक मास्टरपीस है, जो शोर नहीं, सीधे दिल पर चोट करती है। अगस्त्या नंदा अरुण खेतरपाल के रूप में दिल छू लेने वाला परफॉर्मेंस देते हैं। लेकिन फिल्म का दिल और आत्मा धरमेंद्र हैं, अपनी आखिरी फिल्म में वो चुपचाप, गरिमामय और दिल तोड़ देने वाला प्रदर्शन करते हैं। यह फिल्म सच में झकझोर देती है।”
एक और दर्शक ने थिएटर से ही रिएक्शन लिखा- “इक्कीस देखने आया था और अभी तक (पहला हाफ) फिल्म ने दिल जीत लिया है। धरमेंद्र की मौजूदगी फिल्म को जड़ देती है। आज के माहौल में ऐसी युद्ध फिल्म बनाना, जो दोनों तरफ के दर्द और खोने को समझे, बहुत साहस की बात है।”
कई दर्शकों ने फिल्म की संवेदनशील ‘हीरोइज़्म’ की परिभाषा की भी तारीफ की। एक नेटिज़न ने लिखा- “मुझे ‘इक्कीस’ की सबसे अच्छी बात यह लगी कि ये किसी को नीचा दिखाकर हीरो नहीं बनाती, बल्कि सबको ऊपर उठाती है। छोटी भूमिकाओं में भी कई कलाकार दिल पर असर छोड़ जाते हैं।” युद्ध को शोर नहीं, इंसानी सच के ज़रिए दिखाने वाली इस फिल्म को लोगों ने न सिर्फ एक बहादुर जवान को शानदार श्रद्धांजलि कहा, बल्कि सिनेमा के एक महानायक धरमेंद्र को खूबसूरत अलविदा भी।