सिनेमा जगत को लगा गहरा सदमा, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दिग्गज फिल्ममेकर Raja Sen का हुआ निधन, 71 की उम्र में कहा अलविदा

Edited By Updated: 16 Aug, 2026 07:09 PM

raja sen passed away

Raja Sen : हाल ही में बंगाली सिनेमा से दुखद खबर सामने आई है। मशहूर बंगाली फिल्ममेकर राजा सेन का निधन हो गया है। इस खबर के बाद से ही सिनेमा जगत में शोक की लहर है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने रविवार को एक सरकारी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद अंतिम...

 Raja Sen : हाल ही में बंगाली सिनेमा से दुखद खबर सामने आई है। मशहूर बंगाली फिल्ममेकर राजा सेन का निधन हो गया है। इस खबर के बाद से ही सिनेमा जगत में शोक की लहर है। खबरों के मुताबिक, उन्होंने रविवार को एक सरकारी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली। 71 की उम्र में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। 

तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित थे फिल्ममेकर राजा सेन 
राजा सेन बंगाली सिनेमा के एक जाने-माने चेहरे थे। उन्होंने साल 1996 में रिलीज हुई फिल्म दामु से अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी। अपने लंबे फिल्मी सफर के दौरान उन्होंने तीन राष्ट्रिय फिल्म पुरस्कार अपने नाम किए। पिछले काफी समय से वह उम्र से जुड़ी सेहत समस्याओं से जूझ रहे थे और कोलकाता के SSKM अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनकी हालत गंभीर होने के चलते उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। रविवार को उन्होंने 71 की उम्र में अंतिम सांस ली। 

काफी बीमारियों से ग्रसित थे फिल्ममेकर
रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में राजा सेन की तबीयत तेजी से बिगड़ गई थी। उन्हें फेफड़ों, दिल और किडनी से जुड़ी कई गंभीर परेशानियां हो गई थीं। डॉक्टरों के मुताबिक, तमाम जटिलताओं के चलते उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी और उन्हें वेनिटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। इसके बावजूद भी उनकी सेहत ठीक नहीं हो सकी। 

राजा सेन का करियर 
दिग्गज फिल्ममेकर राजा सेन के निधन से बंगाली फिल्म और टेलीविजन जगत में शोक का माहौल है। उन्होंने साल 1996 में फिल्म दामु के जरिए फीचर फिल्म निर्देशन की शुरुआत की थी। इस फिल्म को बेस्ट चिल्ड्रन्स फिल्म का राष्ट्रिय फिल्म पुरुस्कार भी मिला था। अपने लंबे करियर में राजा सेन ने फिल्मों के अलावा कई टेलीविजन शोज और डॉक्यूमेंट्रीज का भी निर्देशन किया। साल 2002 में रिलीज हुई उनकी फिल्म देश में जया बच्चन और अभिशेक बच्चन नजर आए थे। इसके अलावा उन्होंने आत्मीयो स्वजन’, ‘देबीपक्ष’, ‘कृष्णकांत एर विल’, ‘लैबोरेटरी’ और ‘माया मृदंगा’ जैसी यादगार फिल्मों का निर्देशन किया। बंगाली सिनेमा में उनके योगदान को हमेशा सम्मान और याद के साथ देखा जाएगा। 

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