खामेनेई के बाद किसके हाथ में हैं ईरान की कमान, कौन शख्स ले रहा है बड़ा फैसले?

Edited By Updated: 08 Mar, 2026 05:53 PM

after khamenei who is in charge of iran who is taking the big decisions

ईरान के लंबे समय तक सत्ता प्रमुख अली खामेनेई की मौत के बाद देश में राजनीतिक और सैन्य ढांचे में अस्थिरता पैदा हो गई है। अब युद्ध और सुरक्षा से जुड़े फैसले मुख्य रूप से इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ले रही है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान...

इंटरनेशनल डेस्क : ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत ने देश की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा संकट पैदा कर दिया है। पिछले 36 सालों से खामेनेई ही ईरान में अंतिम निर्णय लेने वाले शख्स रहे हैं। उनके शासन में मतभेद सार्वजनिक नहीं होते थे, लेकिन अब उनके जाने के बाद सत्ता के भीतर दरारें और झगड़े सामने आने लगे हैं।

अंतरिम परिषद की भूमिका

ईरान के संविधान के अनुसार अब एक तीन सदस्यीय अंतरिम परिषद बनाई गई है। इसमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी-एजेई और धार्मिक विद्वान अलीरेजा अराफी शामिल हैं। हालांकि, युद्ध के इस कठिन दौर में यह संवैधानिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं दिख रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस समय ईरान में नीतिगत निर्णयों से ज्यादा सैन्य ताकत हावी हो रही है।

यह भी पढ़ें - दिन में होगा अंधेरा... इस दिन लगेगा साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण

राष्ट्रपति और IRGC के बीच विवाद

हाल ही में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के एक बयान ने ईरान में खलबली मचा दी। उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी खाड़ी देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ नहीं किया गया, तो ईरान हमला नहीं करेगा। इस नरम रुख से रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और धार्मिक नेता नाराज हो गए। धार्मिक नेता हामिद रसाई ने राष्ट्रपति के बयान को कमजोर और अस्वीकार्य बताया। दबाव बढ़ने पर राष्ट्रपति को अपना बयान वापस लेना पड़ा। यह घटना साफ दर्शाती है कि ईरान की चुनी हुई सरकार और सैन्य संस्थाओं के बीच तालमेल की कमी है।

IRGC और अली लारिजानी का बढ़ता प्रभाव

खामेनेई की गैर-मौजूदगी में अब सुरक्षा और सैन्य रणनीति के अहम फैसले IRGC ले रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश की सुरक्षा का नियंत्रण अब पूरी तरह सेना के हाथ में है। इस मुश्किल घड़ी में अली लारिजानी, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव, एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरे हैं। वे सेना, सरकार और धार्मिक गुटों के बीच तालमेल बनाए रखने का काम कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि उनके अनुभव से ईरान बिखरने से बच रहा है। युद्ध के मैदान में मिसाइलें कहां और कब दागी जाएंगी, इसमें अब जनरलों का दबदबा है।

यह भी पढ़ें - जंग ने तोड़ा भारत का सपना, वर्ल्ड कप जीतने से पहले ही हो गया बाहर! जानें पूरा मामला

नया सुप्रीम लीडर कौन बनेगा?

ईरान अब नए सुप्रीम लीडर की तलाश में है। उत्तराधिकार की दौड़ में सबसे प्रमुख नाम मोजतबा खामेनेई, अली खामेनेई के बेटे, का है। दूसरा बड़ा नाम वरिष्ठ धार्मिक नेता अलीरेजा अराफी का है, जिनका धार्मिक संस्थानों पर मजबूत प्रभाव माना जाता है। हालांकि, इजरायल ने चेतावनी दी है कि नया नेता उनके निशाने पर होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक युद्ध जारी है, नए नेता का चुनाव टाला जा सकता है, क्योंकि कोई अंतरराष्ट्रीय दबाव और सुरक्षा खतरे की जिम्मेदारी लेना नहीं चाहता। आने वाले कुछ दिन ही तय करेंगे कि ईरान की कमान किसके हाथ में सुरक्षित रहती है।


 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!