Edited By Mansa Devi,Updated: 28 Mar, 2026 10:55 AM

लॉस एंजिल्स (FBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। कनाडा के ओंटारियो में रहने वाले 62 वर्षीय गुरमरीत सिद्धू ने स्वीकार किया है कि वह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सरगना था
इंटरनेशनल डेस्क: लॉस एंजिल्स (FBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। कनाडा के ओंटारियो में रहने वाले 62 वर्षीय गुरमरीत सिद्धू ने स्वीकार किया है कि वह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह का सरगना था, जिसने अमेरिका से कनाडा में लगभग 17 मिलियन डॉलर 850 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स की स्मगलिंग की।
62 वर्षीय गुरमरित सिद्धू ने कबूला जुर्म
न्याय विभाग के अनुसार, कनाडा के ओंटारियो प्रांत के ब्रैम्पटन निवासी 62 वर्षीय गुरमरित सिद्धू ने गुरुवार को अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उस पर लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने का आरोप था, जिसे उसने मान लिया है।
2024 में दर्ज हुआ था बड़ा केस
सिद्धू इस मामले में मुख्य आरोपी है। उसके खिलाफ जनवरी 2024 में 23 मामलों का संघीय अभियोग दायर किया गया था। कनाडा से प्रत्यर्पण के बाद वह अक्टूबर 2024 से अमेरिका की संघीय हिरासत में है।
850 किलो से ज्यादा ड्रग्स की तस्करी
जांच में सामने आया कि सितंबर 2020 से फरवरी 2023 के बीच सिद्धू एक ऐसे गिरोह का नेतृत्व कर रहा था, जो अमेरिका से कनाडा में भारी मात्रा में ड्रग्स की तस्करी करता था। इस दौरान करीब 850 किलोग्राम से अधिक नशीले पदार्थों की तस्करी की गई, जिनकी कीमत 15 से 17 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बीच आंकी गई है।
मेथम्फेटामाइन और कोकीन की बड़ी खेप जब्त
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सितंबर 2022 से अक्टूबर 2022 के बीच आठ अलग-अलग खेपों में ड्रग्स भेजी गईं। इनमें लगभग 523 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन और 347 किलोग्राम कोकीन शामिल थी। इन सभी खेपों को कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने जब्त कर लिया। ट्रकों और गुप्त कोड का इस्तेमालसिद्धू और उसके सहयोगी ड्रग्स की सप्लाई के लिए लंबी दूरी तय करने वाले ट्रकों का इस्तेमाल करते थे। पहचान छिपाने के लिए वे कूरियर को टेलीफोन नंबर और नोटों के सीरियल नंबर जैसे ‘टोकन’ देते थे, जिससे डिलीवरी के दौरान पहचान सुनिश्चित की जा सके।
कई देशों की एजेंसियों ने मिलकर की जांच
इस मामले की जांच में अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों की एजेंसियों ने मिलकर काम किया। इसमें एफबीआई, लॉस एंजिल्स पुलिस, रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस, यूएस कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन, होमलैंड सिक्योरिटी और ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन शामिल रहे।
20 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा संभव
इस मामले की सुनवाई अब अंतिम चरण में है। अमेरिकी अदालत 9 जुलाई को सजा सुनाएगी। सिद्धू को कम से कम 20 साल की सजा हो सकती है, जबकि अधिकतम सजा उम्रकैद तक हो सकती है।
पहले भी कई आरोपी हो चुके हैं दोषी
इस केस में सिद्धू सातवां आरोपी है, जिसने अपना अपराध स्वीकार किया है। इससे पहले भी कई आरोपियों को दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें 27 महीने से लेकर 108 महीने तक की सजा मिल चुकी है।
ड्रग तस्करी पर सख्ती जारी
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में ड्रग तस्करी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।