Edited By Tanuja,Updated: 15 Mar, 2026 01:09 PM

ईरान युद्ध से बढ़े क्षेत्रीय तनाव के बीच यूएई ने सोशल मीडिया पर फर्जी और AI से बनाए गए वीडियो फैलाने के आरोप में 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन वीडियो से देश में हमले और विस्फोट जैसी झूठी तस्वीरें दिखाकर जनता में...
International Desk:पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच United Arab Emirates ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फर्जी वीडियो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। अधिकारियों ने भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप प्रसारित करने के आरोप में 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया है। यह जानकारी देश की आधिकारिक एजेंसी Emirates News Agency (WAM) द्वारा जारी बयान में दी गई। यूएई के अटॉर्नी जनरल Hamad Saif Al Shamsi ने कहा कि क्षेत्रीय हालात को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों द्वारा फर्जी वीडियो और गलत जानकारी फैलाने की गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाए। इन वीडियो में यूएई के अलग-अलग शहरों में बड़े विस्फोट, प्रमुख इमारतों पर हमले और धुएं से भरी आग जैसी घटनाएं दिखाई गईं। इनका मकसद लोगों को यह विश्वास दिलाना था कि देश के अंदर बड़े सैन्य या आतंकवादी हमले हो रहे हैं। अटॉर्नी जनरल ने बताया कि कुछ वीडियो में यूएई के सैन्य ठिकानों को नष्ट होने का दावा भी किया गया, जबकि कुछ फुटेज वास्तव में दूसरे देशों की घटनाओं से जुड़ी थीं जिन्हें यूएई का बताकर प्रसारित किया गया।उनके अनुसार इन वीडियो का उद्देश्य जनता को गुमराह करना, डर और अफरा-तफरी फैलाना तथा देश की सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करना था।
यूएई अधिकारियों ने अभी तक गिरफ्तार किए गए लोगों की राष्ट्रीयता सार्वजनिक नहीं की है। हालांकि लोक अभियोजन ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के दौरान फेक न्यूज और AI-जनित वीडियो तेजी से फैल रहे हैं, जिससे सरकारें सोशल मीडिया पर निगरानी और कड़े कानून लागू कर रही हैं।