Edited By Tanuja,Updated: 24 Aug, 2026 03:30 PM

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा कि यूक्रेन रूस के खिलाफ युद्ध में बढ़त बनाए हुए है और रूसी सेना को मोर्चे पर गतिरोध में रोक चुका है। उन्होंने ड्रोन युद्ध में यूक्रेन की क्षमता की तारीफ की, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ इंटरसेप्टर...
Washington: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने यूक्रेन के पक्ष में बड़ा दावा किया है। यूक्रेन दौरे के दौरान राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद पेंस ने कहा कि 'यूक्रेन यह युद्ध जीत रहा है' और उसकी सेना ने रूसी सैनिकों को मोर्चे पर गतिरोध में रोक दिया है। हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी दी कि सर्दियां करीब आने के साथ रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले कर सकता है और बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए इंटरसेप्टर की कमी गंभीर चुनौती बन सकती है। CNN से बातचीत में माइक पेंस ने कहा कि यूक्रेन की सेना ने रूस को मोर्चे पर गतिरोध में रोक रखा है। उन्होंने यूक्रेनी सैनिकों और आम नागरिकों के हौसले की भी तारीफ की। पेंस के मुताबिक, राष्ट्रपति जेलेंस्की से लेकर अग्रिम मोर्चे पर लड़ रहे सैनिकों और आम यूक्रेनियनों तक, रूस के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का दृढ़ संकल्प साफ दिखाई देता है। पेंस यूक्रेन की स्वतंत्रता और सोवियत संघ के विघटन के 35 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित राष्ट्रीय प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए वहां पहुंचे थे।
पेंस ने कहा कि यूक्रेन ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल का तरीका काफी हद तक बदल दिया है। उनके मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने रूस के अंदर तक ड्रोन हमले किए हैं और काला सागर में रूसी जहाजों को भी निशाना बनाया है। युद्ध में ड्रोन अब केवल निगरानी या छोटे हमलों तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि दोनों पक्ष बड़े पैमाने पर इनका इस्तेमाल दुश्मन के सैन्य ठिकानों, हथियारों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए कर रहे हैं। पेंस का यह बयान ऐसे समय आया जब रूस के एक कथित 'डबल-टैप' हमले में कम से कम 16 लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोग घायल होने की खबर सामने आई।सीएनएन के मुताबिक, यह हमला कीव पर हुए बड़े रूसी हमलों के बाद हुआ।
पेंस ने कहा कि रूस ने हाल के समय में यूक्रेन के खिलाफ ऊंचे प्रक्षेपवक्र वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल बढ़ाया है। पेंस ने यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता को लेकर कहा कि यूक्रेन के पास ड्रोन को रोकने की क्षमता है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव के लिए उसे अत्याधुनिक इंटरसेप्टर सिस्टम की जरूरत है। यहीं पर पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर की कमी एक बड़ी समस्या बन रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों के कारण दुनियाभर में पैट्रियट इंटरसेप्टर की उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है। सीएनएन ने बताया कि ईरान के हमलों से बचाव के दौरान अमेरिका अपने पैट्रियट मिसाइल भंडार का करीब आधा इस्तेमाल कर चुका है। माइक पेंस ने एक और बड़ी आशंका जताई।
उन्होंने कहा कि सर्दियां करीब आने के साथ रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को बड़े पैमाने पर निशाना बना सकता है। उनके मुताबिक, जेलेंस्की ने उनसे बातचीत में इस आशंका को स्पष्ट किया है कि रूस स्कूलों, अस्पतालों और शॉपिंग मॉल के अलावा बिजली और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे पर भी हमले बढ़ा सकता है। यूक्रेन में सर्दियों के दौरान बिजली और हीटिंग व्यवस्था पहले भी रूसी हमलों का बड़ा निशाना रही है। ऐसे में ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले आम लोगों के लिए मुश्किलें और बढ़ा सकते हैं। पेंस ने इस बात से इनकार किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान से जुड़ी जंग के कारण यूक्रेन को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वह इसे इस नजरिए से नहीं देखते और उन्हें नहीं लगता कि यूक्रेन के लोग भी इसे इसी तरह देखते हैं।
हालांकि, पैट्रियट इंटरसेप्टर की वैश्विक कमी को लेकर स्थिति चिंता बढ़ा रही है।
माइक पेंस ने सुझाव दिया कि दक्षिण कोरिया इस कमी को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया के पास आधुनिक इंटरसेप्टर सिस्टम हैं, जिन्हें अमेरिका को उपलब्ध कराया जा सकता है। इनका इस्तेमाल मध्य पूर्व या यूक्रेन में किया जा सकता है अथवा इन्हें यूरोपीय सहयोगियों को दिया जा सकता है। पेंस ने दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली से ऐसे इंटरसेप्टर अमेरिका को उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य हमला शुरू किया था। इससे पहले रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर उसे अपने साथ मिला लिया था। तब से जारी यह संघर्ष द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का सबसे बड़ा सशस्त्र संघर्ष बन चुका है। यूक्रेन हथियारों, गोला-बारूद और आर्थिक सहायता के लिए अमेरिका तथा यूरोपीय देशों पर काफी निर्भर रहा है।