Edited By Tanuja,Updated: 04 Jan, 2026 08:06 PM

वेनेजुएला की विपक्षी नेता और 2025 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने सभी राजनीतिक कैदियों की तत्काल रिहाई की मांग की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उनका समर्थन करते हुए वेनेजुएला में शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक बदलाव का...
International Desk: वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता और 2025 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने देश में बंद सभी राजनीतिक कैदियों की तत्काल रिहाई को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने इस मुद्दे पर समर्थन देने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का आभार जताया और दुनियाभर के लोकतांत्रिक देशों से एकजुट होकर वेनेजुएला का साथ देने की अपील की। मचाडो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “धन्यवाद राष्ट्रपति मैक्रों। सभी राजनीतिक कैदियों की आज़ादी हमारी तत्काल प्राथमिकता है। मैं दुनिया के सभी राष्ट्राध्यक्षों, सरकारों और लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों से अपील करती हूं कि वे इस निर्णायक समय में हमारा समर्थन करें। वेनेजुएला जरूर आज़ाद होगा।”
उनका यह बयान तब आया जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सार्वजनिक रूप से मचाडो के समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने वेनेजुएला की विपक्षी नेता से बात की है और वह मादुरो शासन के दौरान बंद किए गए राजनीतिक कैदियों की रिहाई और सुरक्षा के पक्ष में हैं। मैक्रों ने कहा,“मैंने अभी मारिया कोरिना मचाडो से बात की है। मैं निकोलस मादुरो के शासन के दौरान बंद राजनीतिक कैदियों की रिहाई और सुरक्षा की उनकी मांग का पूरी तरह समर्थन करता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि फ्रांस, वेनेजुएला में शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक सत्ता परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है और जनता की संप्रभु इच्छा का पूरा सम्मान होना चाहिए। “मैक्रों ने कहा अन्य सभी वेनेजुएलावासियों की तरह, मचाडो भी लोकतांत्रिक बदलाव के लिए फ्रांस के समर्थन पर भरोसा कर सकती हैं” ।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका द्वारा कार्रवाई के बाद निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाया गया। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी वीडियो में मादुरो को हथकड़ियों में ‘पर्प वॉक’ के दौरान दिखाया गया, जहां वह पत्रकारों और DEA एजेंटों को ‘हैप्पी न्यू ईयर’ कहते नजर आए। मादुरो के हटने के बाद, वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि मादुरो फिलहाल अपने संवैधानिक दायित्व निभाने में “अस्थायी रूप से असमर्थ” हैं। यह आदेश सरकारी टीवी चैनल VTV पर प्रसारित किया गया।
इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने खुलासा किया कि मादुरो को हटाने की योजना ट्रंप के पहले कार्यकाल में भी बनी थी, लेकिन उस समय यह आगे नहीं बढ़ पाई। उनके अनुसार, ट्रंप की खास दिलचस्पी वेनेजुएला के तेल संसाधनों में थी, जबकि विपक्ष को भरोसा था कि आर्थिक दबाव से ही मादुरो का शासन टूट जाएगा। अब मचाडो और वेनेजुएला का विपक्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है कि राजनीतिक बंदियों को रिहा किया जाए और देश में पूर्ण लोकतांत्रिक संक्रमण की प्रक्रिया शुरू हो।