'जिंदा है तो ढूंढ कर मारेंगे...', IRGC की नेतन्याहू को खुली धमकी, चारों तरफ मचा हडकंप

Edited By Updated: 15 Mar, 2026 03:43 PM

if he is alive we will hunt him down and kill him    irgc s open threat to

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान दिया है। IRGC ने खुले तौर पर धमकी देते हुए कहा है कि नेतन्याहू को ढूंढकर मारने की कोशिशें जारी रहेंगी।...

नेशनल डेस्क : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (IRGC) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बड़ा बयान दिया है। IRGC ने खुले तौर पर धमकी देते हुए कहा है कि नेतन्याहू को ढूंढकर मारने की कोशिशें जारी रहेंगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में नेतन्याहू की मौत को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं।

नेतन्याहू की मौत की अफवाहें, इजरायल ने बताया ‘फेक न्यूज’

ईरान के प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। इसी वजह से उनकी मौत को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है। कुछ लोगों ने दावा किया कि उनकी हालिया पोस्ट में इस्तेमाल किया गया वीडियो AI से तैयार किया गया है। हालांकि तुर्की की सरकारी न्यूज एजेंसी अनादोलु से बात करते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया। कार्यालय ने साफ कहा कि नेतन्याहू पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं और उनकी मौत की खबरें पूरी तरह से झूठी हैं।

इजरायली ठिकानों और अमेरिकी बेस पर निशाना

IRGC ने यह भी दावा किया है कि उसने अपने जवाबी हमलों के 52वें चरण में इजरायल के कई ठिकानों और पश्चिम एशिया में मौजूद तीन अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि ये कार्रवाई उसके औद्योगिक शहरों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है, जिनमें कई मजदूरों की जान चली गई थी। ईरानी बयान के मुताबिक तेल अवीव में लगातार बजते एंबुलेंस सायरन और इजरायली अधिकारियों द्वारा मृतकों की बढ़ती संख्या को स्वीकार करना इस बात का संकेत है कि ईरानी मिसाइल हमलों का असर गंभीर रहा है।

अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी हमले का दावा

IRGC ने कहा कि ईरानी मिसाइलों और ड्रोन ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में एरबिल स्थित अल-हरिर एयरबेस को भी निशाना बनाया। इसके अलावा कुवैत में मौजूद आरिफजान और अली अल-सलेम सैन्य ठिकानों पर भी हमले किए गए। ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को बिना किसी उकसावे के उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। ईरानी दावों के अनुसार इन हमलों में इस्लामिक क्रांति के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की हत्या कर दी गई।

ईरान का आरोप- नागरिक ढांचे को बनाया गया निशाना

ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया है। ईरान का कहना है कि स्कूल, अस्पताल और खेल परिसरों जैसे सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर को जानबूझकर निशाना बनाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक इन हमलों में अब तक कम से कम 1,348 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं के बाद पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।

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