Edited By Radhika,Updated: 15 Jan, 2026 03:20 PM

कनाडा का 'शांति का सपना' अब South Asian मूल के लोगों के लिए डरावना साबित हो रहा है। brampton में रहने वाले भारतीय मूल के विक्रम शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपना घर और कनाडा छोड़ दिया है। यह कदम उन्होंने तब उठाया जब उनके घर पर अंधाधुंध...
इंटरनेशल डेस्क: कनाडा का 'शांति का सपना' अब South Asian मूल के लोगों के लिए डरावना साबित हो रहा है। brampton में रहने वाले भारतीय मूल के विक्रम शर्मा ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपना घर और कनाडा छोड़ दिया है। यह कदम उन्होंने तब उठाया जब उनके घर पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं और उनके परिवार को खत्म करने की धमकी दी गई।
3 जनवरी की वो खौफनाक सुबह
घटना 3 जनवरी 2026 की है। विक्रम शर्मा अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे, तभी सुबह के समय एक नकाबपोश हमलावर ने उनके घर के बाहर 7 से 9 राउंड फायरिंग की। गोलियों की आवाज से विक्रम की नींद खुली, लेकिन नए साल के जश्न के कारण उन्होंने इसे पटाखों की आवाज समझकर नजरअंदाज कर दिया। 30 मिनट बाद जब पुलिस पहुंची, तब उन्हें पता चला कि उनकी कार और गैरेज गोलियों से छलनी हो चुके हैं।
वीडियो भेजकर मांगी 5 लाख डॉलर की फिरौती
गोलीबारी के कुछ ही घंटों बाद विक्रम के फोन पर एक अनजान नंबर से वीडियो आया, जिसमें उनके घर पर हुई फायरिंग के फुटेज थे। इसके तुरंत बाद एक फोन कॉल आया, जिसमें हमलावर ने 5,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 4 करोड़ भारतीय रुपये) की मांग की। धमकी दी गई कि अगर एक दिन के भीतर पैसा नहीं मिला, तो उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
अगली गोली तुम्हारे लिए होगी
पैसे न देने पर 6 जनवरी को विक्रम को छह-सात और धमकी भरे कॉल आए। कॉलर ने सीधे तौर पर कहा, "अगली गोली तुम्हारे लिए होगी।" पुलिस ने सुरक्षा के नाम पर विक्रम को सिर्फ अपना फोन नंबर बदलने और जगह बदलने की सलाह दी। इस प्रतिक्रिया से असंतुष्ट होकर विक्रम ने अपनी पत्नी और 4 महीने की बेटी की सुरक्षा के लिए कनाडा छोड़ने का फैसला किया।
विक्रम ने मीडिया से कहा, "हम शांति और बेहतर सिस्टम के लिए कनाडा आए थे, इस डर के लिए नहीं। वहां रहना अब सुरक्षित नहीं था।"
पुलिस की बढ़ती चिंता और बढ़ते मामले
पील रीजनल पुलिस की 'एक्सटॉर्शन इन्वेस्टिगेशन टास्क फोर्स' इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस डेटा के अनुसार पिछले साल क्षेत्र में 400 से अधिक जबरन वसूली के मामले दर्ज किए गए। अपराधी मुख्य रूप से दक्षिण एशियाई (South Asian) व्यापार मालिकों को निशाना बना रहे हैं। फिलहाल इस मामले में किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है।