Edited By Tanuja,Updated: 11 Mar, 2026 07:36 PM

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र से मिडिल ईस्ट में हो रहे हमलों को “आक्रामकता और युद्ध अपराध” बताते हुए स्पष्ट निंदा की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला जारी रखा तो ईरान क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी...
International Desk: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच Seyed Abbas Araghchi ने United Nations से अमेरिका और इजरायल के हमलों की खुलकर निंदा करने की मांग की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार अराघची ने यह बात Antonio Guterres, महासचिव United Nations, से फोन पर हुई बातचीत के दौरान कही। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि क्षेत्र में जारी हमलों के दौरान स्कूल, अस्पताल, रिहायशी इलाके, ऐतिहासिक इमारतें जैसी नागरिक जगहों को निशाना बनाया गया है।उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय कानून के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन बताया। अराघची ने कहा कि Iran को इस “थोपे गए युद्ध” में आत्मरक्षा का अधिकार है।
उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि United States ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बना सकता है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आत्मरक्षा के अधिकार के दायरे में होगी। ईरान ने कहा कि अब समय आ गया है कि United Nations Security Council और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इन हमलों की स्पष्ट और कड़ी निंदा करें।
ईरान का कहना है कि अगर दुनिया चुप रहती है या कमजोर प्रतिक्रिया देती है, तो इससे क्षेत्र में अस्थिरता और तनाव और बढ़ सकता है। वहीं Antonio Guterres ने बातचीत के दौरान कहा कि सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए। नागरिकों और नागरिक ढांचे पर हमले से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर फैल सकता है और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।