Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 Jun, 2025 06:52 PM

इस समय इजराइल और ईरान के बीच हालात बहुत तनावपूर्ण हैं और यह झगड़ा कभी भी पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी देश ने इजराइल की मदद की, तो वह उस देश के सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा।
नेशनल डेस्क: इस समय इजराइल और ईरान के बीच हालात बहुत तनावपूर्ण हैं और यह झगड़ा कभी भी पूरे मध्य पूर्व में फैल सकता है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी देश ने इजराइल की मदद की, तो वह उस देश के सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा। यह चेतावनी खासकर अमेरिका और ब्रिटेन के लिए दी गई है, जिनकी मध्य पूर्व में बड़ी सैन्य मौजूदगी है और जो इजराइल के करीबी सहयोगी माने जाते हैं।ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका या ब्रिटेन के मध्य पूर्व में बने अड्डों से उस पर हमला किया गया, तो वह जवाब में उन अड्डों पर सीधा हमला करेगा। इतना ही नहीं, ईरान ने यह भी इशारा दिया है कि अगर मुस्लिम देश भी पश्चिमी देशों का साथ देंगे, तो उन्हें भी निशाना बनाया जाएगा।
कौन-कौन से ठिकाने हैं खतरे में?
- ब्रिटेन के सैन्य अड्डे इराक, सीरिया, यूएई, कतर, बहरीन, ओमान और साइप्रस में हैं।
- अमेरिका के कम से कम 19 सैन्य ठिकाने मध्य पूर्व में हैं, जैसे बहरीन, इराक, मिस्र, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन और UAE।
- इस पूरे इलाके में 40 से 50 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।
मुस्लिम देशों पर भी खतरा
अगर इन खाड़ी देशों (जैसे कतर, यूएई, बहरीन) के अड्डों से ईरान पर हमला होता है, तो ईरान ने उन देशों को भी हमले की धमकी दी है। इसका मतलब यह है कि यह लड़ाई सिर्फ इजराइल और ईरान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह पूरे मध्य पूर्व और शायद दुनियाभर में बड़ा संकट बन सकती है।