Paush Purnima 2026: पौष पूर्णिमा से होगी माघ मेले की शुरुआत, पुण्य प्राप्ति के लिए घर पर करें ये काम

Edited By Updated: 02 Jan, 2026 07:59 AM

paush purnima 2026

Paush Purnima 2026 Date and Shubh Muhurt: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। नए साल 2026 की पहली पूर्णिमा पौष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से...

Paush Purnima 2026 Date and Shubh Muhurt: सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। नए साल 2026 की पहली पूर्णिमा पौष मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है और स्नान, दान व पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। विशेष रूप से, पौष पूर्णिमा से माघ मेले की शुरुआत भी होती है, जो प्रयागराज में आयोजित होने वाले भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है।

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पौष पूर्णिमा 2026 की तिथि (Paush Purnima 2026 Tithi)
पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 जनवरी 2026, शाम 06:53 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 3 जनवरी 2026, दोपहर 03:32 बजे
उदयातिथि के आधार पर पौष पूर्णिमा का व्रत और पूजन 3 जनवरी 2026 (शनिवार) को किया जाएगा।

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पौष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य देव को अर्घ्य, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों से सुख-समृद्धि, आरोग्य और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि इस दिन लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और संगम में स्नान करते हैं। जो जातक माघ मेले में नहीं जा सकते वो पुण्य प्राप्ति के लिए घर पर करें ये काम।

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पौष पूर्णिमा 2026 पूजा विधि (Paush Purnima 2026 Puja Vidhi)
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा नदी में या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें।
तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।
चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
पूजा में पीले फूल, तुलसी पत्र, चंदन, अक्षत, धूप-दीप और भोग अर्पित करें।

विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें और तुलसी माला से “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। अंत में गाय के घी से दीपक जलाकर आरती करें। व्रती दिन में एक बार फलाहार या सात्विक भोजन कर सकते हैं।

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पौष पूर्णिमा 2026 दान का महत्व (Paush Purnima 2026 Daan)
पौष पूर्णिमा के दिन दान का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़, दूध, घी या कंबल का दान करें। ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर प्रार्थना करें। मान्यता है कि पूर्णिमा की रात की गई आराधना शीघ्र फलदायी होती है।

पौष पूर्णिमा 2026 के शुभ मुहूर्त (Paush Purnima 2026 Shubh Muhurt)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:13 बजे से 06:01 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
इन मुहूर्तों में पूजा, दान और स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

पौष पूर्णिमा 2026 धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ दिन है। इस दिन किए गए स्नान-दान और पूजा-पाठ से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का वास होता है। साथ ही यह दिन माघ मेले की शुरुआत का भी प्रतीक है, जिससे इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।

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