Edited By Pardeep,Updated: 03 Mar, 2026 10:02 PM

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल ने ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया है।
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इजराइल ने ईरान पर बड़ा हवाई हमला किया है। मंगलवार को ईरानी मीडिया ने खबर दी कि दक्षिणी शहर बुशेहर के एयरपोर्ट पर हुए सैन्य हमलों की श्रृंखला में जमीन पर खड़ा एक ईरानी विमान नष्ट हो गया। यह कार्रवाई कथित तौर पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त ऑपरेशन का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।
तेहरान का मेहराबाद एयरपोर्ट भी निशाने पर
ईरान की मेहर न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, राजधानी तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी स्ट्राइक की गई। एजेंसी ने तस्वीरें जारी कीं, जिनमें रनवे के पीछे आसमान में उठता धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि “अमेरिकी-जायनिस्ट हमलावरों ने राजधानी के पश्चिमी हिस्से में मेहराबाद एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र को निशाना बनाया।”
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह संयुक्त अभियान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उनके केंद्रीय तेहरान स्थित परिसर पर हुए हमले में मौत के बाद तेज हुआ। इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांड सेंटर, मिसाइल ठिकाने, एयर डिफेंस सिस्टम और नेतृत्व परिसरों को भी निशाना बनाए जाने की बात कही गई।
बैलिस्टिक मिसाइल और स्टील्थ फाइटर्स का इस्तेमाल
भारतीय समय के मुताबिक शनिवार दोपहर से अमेरिका-इजरायल बलों ने फारस की खाड़ी में तैनात युद्धपोतों से टॉमहॉक (Tomahawk) बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर्स F-22 Raptor और F-35 Lightning II से हवाई हमले किए। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन कई महीनों की योजना का हिस्सा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले के दिन काफिले की लोकेशन पक्की करने के लिए ट्रैफिक कैमरों को हैक कर ट्रैकिंग की गई।
ईरान का जवाब: मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार
ईरान ने इसके जवाब में मिसाइलों की बौछार और आत्मघाती UAV (ड्रोन) हमले शुरू किए। खासकर कम लागत वाले शाहेद (Shahed) ड्रोन बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए गए। ईरान का दावा है कि इन हमलों में इजराइल के लक्ष्य, अमेरिकी सैन्य ठिकाने और कुछ पड़ोसी खाड़ी देशों की नागरिक इमारतें भी प्रभावित हुईं। मंगलवार देर रात तक खाड़ी क्षेत्र के कई हिस्सों में मिसाइल हमलों की खबरें आती रहीं।
क्षेत्रीय युद्ध का खतरा, ऊर्जा आपूर्ति पर असर
यह संघर्ष अब पूरे पश्चिम एशिया को एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर धकेल सकता है। सबसे बड़ी चिंता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर है, क्योंकि ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। इस जलडमरूमध्य से रोजाना औसतन 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल दुनिया भर में भेजा जाता है। इसके बंद होने से तेल की कीमतों में तेज उछाल, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और कई देशों की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
हालात बेहद तनावपूर्ण
लगातार हमले और जवाबी कार्रवाई से:
बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो यह संघर्ष पूरी दुनिया पर व्यापक आर्थिक और राजनीतिक असर डाल सकता है।