Edited By Tanuja,Updated: 18 Apr, 2026 07:16 PM

मोजतबा खामेनेई ने आर्मी डे पर ईरानी सेना की तारीफ करते हुए 40 दिन के युद्ध को बड़ी जीत बताया। उन्होंने अमेरिका-इजराइल को चेतावनी दी और सेना की ड्रोन व नौसेना क्षमता बढ़ाने के संकेत दिए।
International Desk: मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को ईरान के आर्मी डे (फरवर्दिन 29) के मौके पर देश की सेना को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया। यह उनका सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहला आर्मी डे था, इसलिए उनका संदेश काफी अहम माना जा रहा है। खामेनेई ने हाल ही में हुए 40 दिन के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि ईरानी सेना ने अमेरिका और इजराइल के गठबंधन का मजबूती से सामना किया। उन्होंने दावा किया कि इस युद्ध ने दुश्मनों की “कमजोरी और बेइज्जती” को उजागर कर दिया। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना ने कठिन हालात में भी जवाबी हमले कर दुश्मनों को भारी नुकसान पहुंचाया।
खामेनेई ने सेना की आधुनिक क्षमताओं पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा ईरानी ड्रोन दुश्मनों पर “बिजली की तरह” हमला करते हैं। नौसेना पूरी तरह तैयार है और दुश्मनों को नई हार चखाने में सक्षम है। इससे साफ संकेत मिलता है कि ईरान भविष्य में ड्रोन तकनीक और समुद्री ताकत को और मजबूत करने पर ध्यान देगा। खामेनेई ने कहा कि आने वाले समय में सेना की क्षमताओं को और बढ़ाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर उन्होंने अपने पिता अली खामेनेई को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सेना को सही दिशा देने और बचाए रखने में उनके पिता की अहम भूमिका थी। खामेनेई ने पिछले 50 वर्षों में सेना को मजबूत बनाने वाले कमांडरों और हाल के युद्ध में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि सेना “देश की मिट्टी और सीमाओं की रक्षा करने वाला” सबसे मजबूत स्तंभ है। खामेनेई के इस बयान को क्षेत्रीय तनाव के नजरिए से भी देखा जा रहा है। पहले से ही ईरान और अमेरिका के बीच टकराव जारी है। ऐसे में सेना को लेकर इस तरह के आक्रामक बयान आने से मध्य-पूर्व में हालात और संवेदनशील हो सकते हैं। ईरान ने आर्मी डे के मौके पर साफ संदेश दिया है कि वह अपनी सैन्य ताकत को और बढ़ाने जा रहा है। ड्रोन और नौसेना क्षमता पर फोकस भविष्य की रणनीति का हिस्सा है, जिससे वैश्विक और क्षेत्रीय राजनीति पर बड़ा असर पड़ सकता है।