Edited By Pardeep,Updated: 09 Apr, 2026 03:06 AM

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में दो हफ्ते का युद्ध-विराम "युद्ध का अंत नहीं है", बल्कि "एक पड़ाव है।" उन्होंने ईरान से संवर्द्धित यूरेनियम को हटाने सहित सभी युद्ध उद्देश्यों को हासिल करने का...
इंटरनेशनल डेस्कः इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि ईरान के खिलाफ लड़ाई में दो हफ्ते का युद्ध-विराम "युद्ध का अंत नहीं है", बल्कि "एक पड़ाव है।" उन्होंने ईरान से संवर्द्धित यूरेनियम को हटाने सहित सभी युद्ध उद्देश्यों को हासिल करने का संकल्प लिया।
नेतन्याहू ने मीडिया के लिए जारी एक वीडियो बयान में कहा, "अगर हमने ईरान के खिलाफ 'ऑपरेशन गिदोन स्वोर्ड' और 'ऑपरेशन लॉयन रोर' शुरू नहीं किया होता, तो उसके पास बहुत पहले ही परमाणु हथियार और हजारों मिसाइलें होतीं, जिनसे वह इजराइल को नष्ट कर सकता था और हम सभी के अस्तित्व को खतरे में डाल सकता था।"
उन्होंने कहा, "हमने आतंकी शासन को कई साल पीछे धकेल दिया है। संवर्द्धित सामग्री ईरान से बाहर ले जाई जाएगी-चाहे समझौते के माध्यम से या फिर पुनः संघर्ष के माध्यम से। इस मुद्दे पर इजराइल और अमेरिका एकमत हैं।" नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल "किसी भी समय लड़ाई में लौटने के लिए तैयार है।" उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "ट्रिगर पर उंगली रखी हुई है।"
युद्ध के उद्देश्यों को हासिल करने में नाकाम रहने और अमेरिकी दबाव में युद्ध-विराम पर सहमत होने के विपक्ष के आरोपों पर नेतन्याहू ने कहा, "अस्थायी युद्ध-विराम इजराइल के साथ समन्वय में हुआ। अमेरिकियों ने आखिरी समय में हमें चौंकाया नहीं।" नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल को अब भी कई लक्ष्य हासिल करने हैं, जिनमें संवर्द्धित यूरेनियम का मुद्दा शामिल है, जिसे "या तो कूटनीति या फिर बल प्रयोग के जरिये" ईरान से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा, "यह युद्ध का अंत नहीं है, बल्कि सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक पड़ाव है।"
नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल ने न केवल ईरान की मिसाइलों को नष्ट किया, बल्कि उसकी निर्माण क्षमता को भी ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा, "ईरानियों ने केवल उन्हीं मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जो उनके पास स्टॉक में बची थीं।" नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने का भी संकल्प लिया। उन्होंने दावा किया कि बेरूत में बुधवार को हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों पर किए गए हमलों में उग्रवादी समूह को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया।