Edited By Tanuja,Updated: 24 Jan, 2026 05:10 PM

अमेरिकी सीनेटर मार्क वॉर्नर ने पाकिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों पर गंभीर चिंता जताते हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कूटनीतिक कार्रवाई की मांग की है। पत्र में चुनावी अनियमितताओं, इमरान खान की गिरफ्तारी, पत्रकारों पर सजा और विदेशों में पाकिस्तानी...
Washington: अमेरिका के वरिष्ठ सीनेटर मार्क आर. वॉर्नर ने पाकिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों को लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को पत्र लिखकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियों और ट्रांसनेशनल रिप्रेशन यानी विदेशों में असहमति दबाने की कोशिशों पर कूटनीतिक कदम उठाने की अपील की है। वॉर्नर ने अपने पत्र में पाकिस्तान के 2024 आम चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव न सिर्फ 2023 से टाले गए, बल्कि उनमें हिंसा, दखलअंदाजी और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे। उन्होंने अमेरिकी विदेश विभाग और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का हवाला देते हुए कहा कि इन चुनावों में अभिव्यक्ति, संगठन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आज़ादी पर अनुचित पाबंदियां लगाई गईं।
उन्होंने बताया कि चुनावों के बाद इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थकों पर व्यापक कार्रवाई हुई। भले ही पीटीआई सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली पार्टी बनी, लेकिन उसे सत्ता से दूर रखा गया। वॉर्नर के अनुसार, चुनाव से पहले और बाद में बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिया गया। पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी पर विशेष चिंता जताई गई। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के वर्किंग ग्रुप ऑन आर्बिट्ररी डिटेंशन ने 2024 में स्पष्ट किया था कि इमरान खान की हिरासत का कोई कानूनी आधार नहीं है और इसका मकसद उन्हें राजनीति से बाहर करना था। सीनेटर वॉर्नर ने पाकिस्तानी पत्रकारों के खिलाफ अनुपस्थिति में सुनाई गई उम्रकैद की सजाओं और नागरिकों पर सैन्य अदालतों में मुकदमा चलाने की धमकियों को भी लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी मूल के लोगों, खासकर वर्जीनिया में बसे नागरिकों को धमकाने और उनके परिजनों को पाकिस्तान में निशाना बनाए जाने के आरोप उठाए। उन्होंने कहा कि यह सब विपक्ष की आवाज दबाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा लगता है। वॉर्नर ने मांग की कि अमेरिका में रहने वाले लोगों के खिलाफ किसी भी ट्रांसनेशनल दमन की पूरी जांच और दोषियों पर कार्रवाई हो। साथ ही, अमेरिका और उसके अंतरराष्ट्रीय साझेदार मिलकर इन मामलों से निपटें।इस बीच, ब्रिटेन के अखबार द गार्जियन ने भी रिपोर्ट किया है कि लंदन पुलिस पाकिस्तानी असंतुष्टों पर हुए हमलों की जांच कर रही है, जिनमें राज्य समर्थित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका की आशंका जताई गई है।