Edited By Pardeep,Updated: 11 Jan, 2026 11:10 PM

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके से सामने आया है, जहां आईटीबीपी (ITBP) के एक जवान से करीब 51 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का...
नेशनल डेस्कः नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके से सामने आया है, जहां आईटीबीपी (ITBP) के एक जवान से करीब 51 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देकर जवान को अपने जाल में फंसाया और एक फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए धीरे-धीरे सारी रकम हड़प ली।
कौन हैं पीड़ित जवान?
पीड़ित जवान का नाम राजेश कुमार है। वह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के गुमझून गांव के रहने वाले हैं और फिलहाल ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र में रहते हैं। राजेश कुमार आईटीबीपी (Indo-Tibetan Border Police) में तैनात हैं।
सोशल मीडिया से शुरू हुई ठगी की कहानी
26 अगस्त को राजेश कुमार की सोशल मीडिया पर ईशा देशाई नाम की एक महिला से बातचीत शुरू हुई। महिला ने खुद को शेयर बाजार की एक्सपर्ट बताया और कहा कि वह अपने बताए तरीके से निवेश कराकर 30% तक मुनाफा दिला सकती है। इसके बाद उसने राजेश को “Go Market Global CS Platform” नाम के एक एप का लिंक भेजा और उसे डाउनलोड कराकर उसमें रजिस्ट्रेशन भी करा दिया।
पहले छोटा मुनाफा दिखाकर जीता भरोसा
शुरुआत में राजेश ने सिर्फ 10 हजार रुपये निवेश किए। कुछ ही दिनों में फर्जी एप पर उन्हें 5 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया, जो उनके बैंक खाते में भी ट्रांसफर कर दिया गया। इससे राजेश को लगा कि एप असली है और ठगों पर उनका पूरा भरोसा बन गया।
धीरे-धीरे 51 लाख रुपये हड़प लिए
इसके बाद महिला और उसके साथी राजेश को बार-बार ज्यादा पैसा लगाने के लिए उकसाते रहे। उन्हें बड़े मुनाफे के सपने दिखाए गए। राजेश कुमार ने 6 नवंबर तक कई बार में अलग-अलग बैंक खातों में कुल करीब 51 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। फर्जी एप पर उनका निवेश 1 करोड़ रुपये से ज्यादा दिखने लगा।
पैसे निकालते ही सामने आया सच
जब राजेश ने अपनी पूरी रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नया बहाना बना दिया। उन्होंने कहा कि पैसे निकालने से पहले टैक्स और ट्रांसफर फीस के नाम पर और पैसा जमा करना होगा। यहीं से राजेश को ठगी का शक हुआ। उन्होंने और पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद ठगों ने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए, महिला ने संपर्क तोड़ लिया और फर्जी एप पर भी कोई जवाब मिलना बंद हो गया।
पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
ठगी का एहसास होने पर राजेश कुमार ने पहले साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, फिर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा लिखवाया।
पुलिस ठगों की तलाश में जुटी
साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बैंक खातों मोबाइल नंबरों फर्जी एप से जुड़ी सभी जानकारियां खंगाल रही है। ठगों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने बताया कि आजकल साइबर ठग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए खुद को शेयर बाजार का एक्सपर्ट बताकर लोगों को फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराते हैं। पहले थोड़े पैसे पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीतते हैं और फिर धीरे-धीरे लाखों रुपये ठग लेते हैं।