आत्मनिर्भर भारत के तहत देश में ही बनेंगे 928 रक्षा उत्पाद, सेना के बचेंगे 715 करोड़ रुपए

Edited By Updated: 14 May, 2023 04:22 PM

928 defense products will be made in the country itself

रक्षा मंत्रालय ने उन 928 पुर्ज़ों और उप प्रणालियों की एक नई सूची को मंजूरी दी है जिन्हें सिर्फ देश की ही कंपनियों से खरीदा जा सकेगा

नई दिल्लीः रक्षा मंत्रालय ने उन 928 पुर्ज़ों और उप प्रणालियों की एक नई सूची को मंजूरी दी है जिन्हें सिर्फ देश की ही कंपनियों से खरीदा जा सकेगा। इससे पहले उनके आयात पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। मंत्रालय ने रविवार को कहा कि इस कदम का उद्देश्य रक्षा उत्पादन में 'आत्मनिर्भरता' को बढ़ावा देने के सरकार के समग्र उद्देश्य के अनुरूप है। यह चौथी ‘सकारात्मक स्वदेशीकरण' सूची (पीआईएल) है जिसमें ‘रिप्लेसमेंट यूनिट्स, उप-प्रणालियां और विभिन्न सैन्य प्लेटफॉर्म, उपकरण और हथियारों में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे शामिल हैं।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रक्षा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता' को बढ़ावा देने और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के आयात को कम करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने चौथी पीआईएल को मंजूरी दी है। उसने बयान में कहा कि उसमें 928 ‘लाइन रिप्लेसमेंट यूनिट्स' (एलआरयू)/उपप्रणालियां और कल पुर्जे शामिलि हैं जिसका आयात प्रतिस्थापन मूल्य 715 करोड़ रुपये है।

रक्षा मंत्रालय ने वस्तुओं के आयात प्रतिबंध के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की है जो दिसंबर 2023 से लेकर दिसंबर 2028 तक हैं। इससे पहले मंत्रालय ने दिसंबर 2021, मार्च 2022 और अगस्त 2022 में इसी तरह की तीन पीआईएल जारी की थी। बयान में कहा गया है कि इन सूचियों में शामिल 2500 से ज्यादा चीज़ें हैं जो पहले से स्वदेशी हैं और 1238 (351+107+780) वस्तुओं का दी गई समय सीमा के अंदर स्वदेशीकरण किया जाएगा। उसमें कहा गया है कि 1238 वस्तुओं में से 310 का स्वदेशीकरण किया जा चुका है।

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