Edited By Anu Malhotra,Updated: 07 Jan, 2026 11:33 AM

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि सरकार हर नागरिक के बैंक अकाउंट में 46,715 रुपये सीधे जमा कर रही है। लोग इस मैसेज को बड़े उत्साह के साथ शेयर कर रहे हैं, लेकिन क्या यह सच में सच है? प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक...
नेशनल डेस्क: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि सरकार हर नागरिक के बैंक अकाउंट में 46,715 रुपये सीधे जमा कर रही है। लोग इस मैसेज को बड़े उत्साह के साथ शेयर कर रहे हैं, लेकिन क्या यह सच में सच है? प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेक टीम ने इस दावे की पड़ताल की और इसके पीछे की असलियत सामने लाई।
इस संदेश के साथ अक्सर एक लिंक या “Register for support” बटन भी जोड़ा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लिंक फिशिंग स्कैम का हिस्सा हो सकते हैं, जो लोगों की निजी और बैंक संबंधित जानकारी चुराने का प्रयास करते हैं।
सरकारी सत्यापन:
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे की जांच की और इसे पूरी तरह से फर्जी बताया। PIB ने स्पष्ट किया कि न तो वित्त मंत्रालय ने कोई ऐसी योजना की घोषणा की है और न ही उसे लागू किया गया है।
सावधानी और चेतावनी:
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी वैधता जरूर जांचें। बैंक डिटेल, OTP, CVV या अन्य निजी जानकारी को किसी भी संदिग्ध स्रोत के साथ साझा न करें।
साइबर अपराधियों के नए तरीके लगातार सामने आते रहते हैं, और फिशिंग इन्हीं में से एक है। नागरिकों को चाहिए कि वे 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को ऑन रखें, एंटीवायरस का इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत साइबर सेल या पुलिस को रिपोर्ट करें। छोटी सी सावधानी भी आपको बड़े फ्रॉड से बचा सकती है। इसलिए, किसी भी आकर्षक “फ्री पैमेंट” संदेश या लिंक को नजरअंदाज करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।