Edited By Parveen Kumar,Updated: 30 Oct, 2026 07:54 PM

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश भर में एक नवंबर से 2,000 शहरों और जिलों में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान शुरू किया जाएगा। यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान है। पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनभोगियों को हर साल जीवन प्रमाणपत्र...
नई दिल्ली : सरकार ने शुक्रवार को कहा कि देश भर में एक नवंबर से 2,000 शहरों और जिलों में डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान शुरू किया जाएगा। यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान है। पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनभोगियों को हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होता है। डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के जरिये यह प्रक्रिया 'जीवन प्रमाण' नामक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा से पूरी की जा सकती है।
कार्मिक मंत्रालय के बयान के अनुसार, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग एक नवंबर से से पांचवां राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू करेगा, जो 30 नवंबर, 2026 को समाप्त होगा। यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान होगा। सरकार ने कहा कि इस अभियान के लिए पेंशन वितरित करने वाले बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघों, रक्षा महालेखा नियंत्रक (सीजीडीए), दूरसंचार विभाग, रेलवे, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), राज्य सरकारों, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ समन्वय किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पेंशनधारकों तक पहुंचना है।
बयान के अनुसार, अभियान में मुख्य रूप से चेहरे से पहचान प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। इस प्रौद्योगिकी के जरिये एंड्रॉयड और आईओएस दोनों मोबाइल फोन पर आसानी से तथा तेजी से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है। इससे बुजुर्ग पेंशनधारकों को सुविधा होगी। अभियान के तहत विभिन्न सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें पेंशनधारकों के स्वास्थ्य की जांच और आधार में जानकारी 'अपडेट' करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर पेंशनधारकों को उनके घर पर भी सेवाएं दी जाएंगी। सरकार ने कहा कि डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र से जुड़ी शिकायतों के निपटान के लिए शिकायत अधिकारी तैनात किए जाएंगे, जो उनका तत्काल समाधान सुनिश्चित करेंगे।