पाक के बाद अब इस राज्य पर भारत का बड़ा एक्शन! बंद किया कई उत्पादों का रास्ता

Edited By Updated: 18 May, 2025 12:26 PM

after pakistan action on bangladesh india imposed port ban

भारत ने बांग्लादेश के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव करते हुए 17 मई को पड़ोसी देश से आने वाले कुछ खास उत्पादों पर बंदरगाह प्रतिबंध लगा दिए हैं। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक आधिकारिक...

नेशनल डेस्क। भारत ने बांग्लादेश के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव करते हुए 17 मई को पड़ोसी देश से आने वाले कुछ खास उत्पादों पर बंदरगाह प्रतिबंध लगा दिए हैं। वाणिज्य मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर इस फैसले की जानकारी दी है। इस नए नियम के अनुसार अब रेडीमेड कपड़े, प्रोसेस्ड फूड, प्लास्टिक के सामान, लकड़ी के फर्नीचर और डाई जैसे उत्पादों का आयात भारत के सभी बंदरगाहों और सीमाओं से नहीं किया जा सकेगा।

अब इन रास्तों से आएगा सामान

सरकार के नए आदेश के मुताबिक बांग्लादेश से आने वाले रेडीमेड गारमेंट्स अब सिर्फ दो ही बंदरगाहों - न्हावा शेवा (मुंबई) और कोलकाता सीपोर्ट के जरिए भारत में प्रवेश कर सकेंगे। वहीं बेक्ड गुड्स, स्नैक्स, फल और सब्जियों से बने पेय पदार्थ, कॉटन यार्न वेस्ट, पीवीसी और डाई जैसे सामानों के लिए पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम और पश्चिम बंगाल के चांगराबंधा और फूलबाड़ी बॉर्डर प्वाइंट्स को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यानी अब इन रास्तों से इन वस्तुओं का आयात नहीं हो पाएगा।

इन सामानों को मिली छूट

हालांकि इस प्रतिबंध से कुछ जरूरी सामानों को छूट दी गई है। मछली, एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस), खाद्य तेल और क्रश्ड स्टोन जैसे बांग्लादेशी उत्पाद अभी भी सभी वैध बंदरगाहों और जमीनी सीमाओं के माध्यम से भारत में आ सकते हैं। इसके अलावा बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और भूटान जाने वाले ट्रांजिट सामान पर भी ये नए नियम लागू नहीं होंगे जिससे इन पड़ोसी देशों के साथ व्यापार जारी रहेगा।

 

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फैसले के पीछे की कड़वाहट

भारत सरकार का यह कदम अचानक नहीं उठाया गया है। इसके पीछे हाल ही में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस का एक बयान है जिसने भारत को नाराज कर दिया था। यूनुस ने चीन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भारत के सात पूर्वोत्तर राज्य "लैंडलॉक्ड" हैं और उनकी समुद्र तक पहुंच केवल बांग्लादेश के माध्यम से ही संभव है। इतना ही नहीं उन्होंने खुद को "भारतीय महासागर का गार्जियन" बताते हुए चीन को बांग्लादेश के रास्ते ग्लोबल शिपमेंट भेजने का न्योता भी दे डाला था। भारत ने इस बयान को अपनी संप्रभुता और हितों के खिलाफ माना और इस फैसले में उसकी स्पष्ट प्रतिक्रिया दिखाई दे रही है।

पहले भी छीनी जा चुकी है ट्रांजिट सुविधा

गौरतलब है कि भारत ने पहले ही 9 अप्रैल 2025 को बांग्लादेश को दी गई ट्रांजिट सुविधा वापस ले ली थी। इस सुविधा के तहत बांग्लादेश दिल्ली एयरपोर्ट समेत अन्य भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल करके मध्य पूर्व और यूरोप को अपना माल निर्यात करता था। अब यह ट्रांजिट सुविधा सिर्फ नेपाल और भूटान तक ही सीमित कर दी गई है।

 

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भारतीय उद्योगों पर संभावित असर

भारतीय परिधान उद्योग लंबे समय से सरकार से यह मांग कर रहा था कि बांग्लादेश को दी जा रही विशेष व्यापारिक सुविधाओं को कम किया जाए क्योंकि बांग्लादेश अब एक बड़ा प्रतिस्पर्धी बनकर उभरा है। टेक्सटाइल सेक्टर में दोनों देशों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत और बांग्लादेश के बीच कुल व्यापार 12.9 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था।

महज व्यापार नहीं, कूटनीतिक संदेश

यह फैसला सिर्फ व्यापारिक नजरिए से ही नहीं बल्कि एक स्पष्ट कूटनीतिक संदेश भी है कि भारत सहयोग उसी देश के साथ करेगा जो उसका सम्मान बनाए रखेगा। आने वाले समय में भारत और बांग्लादेश के संबंध किस दिशा में आगे बढ़ते हैं यह देखना दिलचस्प होगा।

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