West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव… अब तक कितने भारतीय नागरिकों ने गंवाई जान? विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी

Edited By Updated: 20 Mar, 2026 11:11 PM

amidst the ongoing conflict in west asia how many indians have lost their lives

पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ''विभिन्न घटनाओं'' में छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि एक अब भी लापता है।

नेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि ''विभिन्न घटनाओं'' में छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई, जबकि एक अब भी लापता है। यहां अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के अपर सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने कहा, ''हमें 18 मार्च को रियाद में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु की कल देर रात सूचना मिली।'' हालांकि, उन्होंने इस मृत्यु के कारणों के बारे में विस्तार से नहीं बताया। उन्होंने कहा, ''हम मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। रियाद स्थित हमारा दूतावास परिवार के संपर्क में है और पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।''

शुक्रवार को रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने भी कहा कि हाल की घटनाओं के कारण 18 मार्च को सऊदी अरब में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। एक दिन पहले, भारतीय दूतावास ने कहा कि बुधवार को रियाद और कुछ अन्य क्षेत्रों के निवासियों को अलर्ट प्राप्त हुए थे। दूतावास ने कहा, ''भारतीय समुदाय को शांत रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।'' महाजन ने दिल्ली में पत्रकारों को यह भी बताया कि ''विभिन्न घटनाओं में छह भारतीय नागरिकों की जान चली गई और एक लापता है।''

उन्होंने कहा, ''सऊदी अरब, ओमान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थित हमारे दूतावास लापता भारतीय नागरिक के संबंध में और मृत भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को शीघ्र भारत वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं।'' एक सप्ताह से भी कम समय पहले, विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में पत्रकारों को बताया था कि विभिन्न घटनाओं में पांच भारतीय नागरिकों की जान चली गई है जबकि एक लापता है। पश्चिम एशिया में यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर संयुक्त रूप से सैन्य हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाया जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे स्थित हैं। महाजन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से लगभग तीन लाख यात्री भारत लौट चुके हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कहा, ''इन वार्ताओं में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने तनाव कम करने और उसके बाद शांति और स्थिरता की बहाली के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया।'' प्रधानमंत्री ने ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री और विभिन्न नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित और निर्बाध नौवहन के लिए अपना समर्थन दोहराया। प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्तान से बात की और उन्हें तथा ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत की निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से भी बात की।

जायसवाल ने कहा, ''उन्होंने क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए घनिष्ठ समन्वय जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।'' संघर्षग्रस्त क्षेत्र से भारतीय नागरिकों की वापसी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के दौरान पूर्व में इजराइल में फंसे कई भारतीय भारत वापस आने के लिए जॉर्डन का रास्ता अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुल 913 भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान से लगी ईरान की सीमा पार कर चुके हैं और धीरे-धीरे इन दोनों देशों के रास्ते भारत लौट रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत से ईरान गए 284 तीर्थयात्री भी वापस लौट आए हैं।

उन्होंने कहा, ''कल नियंत्रण कक्ष में 10 फोन आए और छह ईमेल प्राप्त हुए, जिनमें से अधिकांश व्यापारिक जहाजों के बारे में थे।'' उनसे यूएई की अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी की भारत यात्रा और बृहस्पतिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ हुई उनकी वार्ता के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने बताया कि उनकी चर्चा में पश्चिम एशिया की स्थिति का मुद्दा भी शामिल था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ''वहां हमारा एक बड़ा (भारतीय) समुदाय है... जिस तरह से वे (यूएई) उनकी देखभाल कर रहे हैं, उसके लिए हमने उन्हें धन्यवाद भी दिया।'' 

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