Edited By Parveen Kumar,Updated: 14 Mar, 2026 08:59 PM

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय जहाज सुरक्षित गुजरकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन दोनों जहाजों में बड़ी मात्रा में एलपीजी गैस भरी हुई है, जो जल्द ही देश के बंदरगाहों पर...
नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्ष के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दो भारतीय जहाज सुरक्षित गुजरकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन दोनों जहाजों में बड़ी मात्रा में एलपीजी गैस भरी हुई है, जो जल्द ही देश के बंदरगाहों पर पहुंचेगी। सरकार ने बताया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, हालांकि एलपीजी को लेकर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दो भारतीय जहाज होर्मुज पार कर भारत की ओर रवाना
शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने शनिवार को अंतर-मंत्रालयी प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ नाम के दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। ये दोनों एलपीजी कैरियर जहाज हैं और भारत के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों के 16 और 17 मार्च तक भारत पहुंचने की संभावना है।
92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे जहाज
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक दोनों जहाजों में कुल मिलाकर करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है। प्रत्येक जहाज में 46 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा गैस भरी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि इन जहाजों के भारत पहुंचने से घरेलू गैस सप्लाई को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय नाविक सुरक्षित
शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं। शुक्रवार तक वहां 24 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद थे। इनमें से दो जहाज भारत के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि अब 22 जहाज अभी भी उस इलाके में मौजूद हैं। इन जहाजों पर करीब 611 भारतीय नाविक सवार हैं और उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
24 घंटे में कई नाविकों को भारत लाया गया
सरकार ने नाविकों और उनके परिवारों के लिए हेल्पलाइन भी सक्रिय की है। अधिकारियों के अनुसार पिछले 24 घंटों में सैकड़ों कॉल और संदेश प्राप्त हुए हैं। इसी दौरान करीब 30 नाविकों को भारत वापस लाया गया, जबकि कुल मिलाकर अब तक 253 भारतीय नाविक सुरक्षित देश लौट चुके हैं।
ऊर्जा आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की प्राथमिकता ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर दे रहा है कि समुद्री व्यापार और ऊर्जा परिवहन को किसी भी तरह की बाधा से बचाया जाना चाहिए।
भारत में फंसे ईरानी नागरिकों को भेजा गया वापस
संघर्ष के कारण कई ईरानी नागरिक भारत में फंस गए थे। उन्हें वापस भेजने के लिए ईरान की ओर से एक विशेष चार्टर्ड फ्लाइट की व्यवस्था की गई। यह उड़ान कोच्चि से रवाना हुई, जिसमें भारत में मौजूद पर्यटक और राजनयिक समेत कई ईरानी नागरिक अपने देश लौटे।
जंग के बीच हजारों भारतीय लौटे देश
गल्फ मामलों के अतिरिक्त सचिव असीम महाजन ने बताया कि सरकार विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर लगातार संपर्क में है। अब तक लगभग 1.72 लाख भारतीय नागरिक विभिन्न देशों से वापस भारत लौट चुके हैं। सरकार जरूरत पड़ने पर आगे भी मदद देने के लिए तैयार है।