Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Mar, 2026 01:36 PM

आंध्र प्रदेश के Rajamahendravaram से सामने आई एक दर्दनाक घटना देशभर में चिंता और गुस्से का कारण बन गई है। आरोप है कि एक स्थानीय दूध विक्रेता ने सैकड़ों परिवारों को सप्लाई किए गए दूध में औद्योगिक शीतलक एथिलीन ग्लाइकॉल मिला दिया, जिससे जहरीला प्रभाव...
नेशनल डेस्क: आंध्र प्रदेश के Rajamahendravaram से सामने आई एक दर्दनाक घटना देशभर में चिंता और गुस्से का कारण बन गई है। आरोप है कि एक स्थानीय दूध विक्रेता ने सैकड़ों परिवारों को सप्लाई किए गए दूध में औद्योगिक शीतलक एथिलीन ग्लाइकॉल मिला दिया, जिससे जहरीला प्रभाव पड़ा। इस घटना में नवजात शिशुओं समेत करीब 20 लोग अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं जिसमें अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में पुष्टि हुई है कि पीड़ितों की मौत मल्टी-ऑर्गन फेल्योर और एक्यूट किडनी फेल्योर के कारण हुई, जो जहरीला रसायन एथिलीन ग्लाइकॉल मिला दूध पीने से हुआ था।
यह मामला 16 फरवरी का बताया जा रहा है, जब Lalacheruvu क्षेत्र में सप्लाई किए गए दूध को पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। कई लोगों में पेशाब रुकने, किडनी फेल होने और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थिति तब सामने आई जब 22 फरवरी को 76 वर्षीय ताड़ी कृष्णावेणी की काकीनाडा सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद एक-एक करके अन्य मरीजों के मामलों ने इस पूरे घटनाक्रम को उजागर किया। जांच में सामने आया कि सभी पीड़ितों ने एक ही सप्लायर का दूध इस्तेमाल किया था।
पुलिस के अनुसार, Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच के दौरान दूध, दही और अन्य नमूनों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया। रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि मौतों की वजह जहरीला रसायन एथिलीन ग्लाइकॉल ही था, जिसने शरीर के कई अंगों को एक साथ फेल कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी विक्रेता Addala Ganeswararao ने आसपास के 43 किसानों से दूध इकट्ठा किया था और उसे अपने घर में स्टोरेज फ्रीजर में रखकर विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया। बताया गया कि 16 से 24 फरवरी के बीच करीब 20 लोग इसी दूध के कारण बीमार होकर अस्पताल पहुंचे।
चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ ग्राहकों ने 15 फरवरी को ही दूध के स्वाद में कड़वाहट की शिकायत की थी और संभावित खतरे की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद सप्लाई जारी रखी गई।
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि प्रशासन इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन की गहराई से जांच कर रहा है। यह घटना खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और अनौपचारिक दूध सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जिससे आम लोगों में डर और चिंता बढ़ गई है।