Edited By Rohini Oberoi,Updated: 19 Mar, 2026 04:41 PM

गुजरात के सोला सिविल अस्पताल (Sola Civil Hospital) में मरीजों की सुरक्षा और भरोसे को तार-तार करने वाली घटना घटी है। अस्पताल के डीन ऑफिस में पिछले 15 सालों से कार्यरत ड्राइवर, विष्णु मकवाना, एक्स-रे रूम में चोरी-छिपे घुसकर महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो...
Hospital X-Ray Scandal : गुजरात के सोला सिविल अस्पताल (Sola Civil Hospital) में मरीजों की सुरक्षा और भरोसे को तार-तार करने वाली घटना घटी है। अस्पताल के डीन ऑफिस में पिछले 15 सालों से कार्यरत ड्राइवर, विष्णु मकवाना, एक्स-रे रूम में चोरी-छिपे घुसकर महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाते हुए पकड़ा गया है।
कैसे हुआ इस गंदे खेल का खुलासा?
आरोपी विष्णु मूल रूप से ओडिशा का रहने वाला है। स्टाफ का सदस्य होने के नाते एक्स-रे विभाग में उसकी पहुंच आसान थी। घटना तब सामने आई जब एक महिला मरीज ने उसे मोबाइल से छिपकर वीडियो बनाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। महिला के शोर मचाने पर वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों ने तुरंत ड्राइवर को दबोच लिया।
अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले में सबसे विवादास्पद मोड़ तब आया जब अस्पताल प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के बजाय बीच का रास्ता निकाला। सूत्रों के अनुसार अस्पताल ने पुलिस केस दर्ज कराने के बजाय आरोपी के फोन से वीडियो डिलीट करवाए और पीड़ित महिला व ड्राइवर के बीच समझौता कराकर उसे जाने दिया। हालांकि इस बीच 181 महिला हेल्पलाइन को भी सूचित किया गया था लेकिन औपचारिक शिकायत दर्ज होने से पहले ही मामला शांत करा दिया गया।
गंभीर अनसुलझे सवाल
भले ही वीडियो डिलीट कर दिए गए हों लेकिन इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
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आरोपी कब से इस तरह की हरकतें कर रहा था?
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क्या उसने ये वीडियो किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म या 'डार्क वेब' पर फॉरवर्ड किए थे?
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क्या सिर्फ वीडियो डिलीट करना पर्याप्त सजा है?
अस्पताल अधीक्षक का पक्ष
सोला सिविल अस्पताल की सुपरिटेंडेंट दीपिका सिंघल ने बताया कि स्टाफ ने शुरू में आरोपी को पुलिस को सौंपने का मन बनाया था लेकिन पीड़ित परिवार के साथ समझौता हो जाने के कारण कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि अब एक्स-रे रूम के पास सुरक्षा बढ़ाई जाएगी और डीन ऑफिस को आरोपी ड्राइवर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) करने के निर्देश दिए गए हैं।